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ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका का साधन बना मसाला उद्योग

ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका का साधन बना मसाला उद्योग

  • मसालों के ज़रिए ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बना रही है भूमि फाउंडेशन

मसाले भारतीय भोजन का अभिन्न हिस्सा है। इन्ही मसालों के कारण देश के अलग-अलग राज्यों का ज़ायका बदल जाता है और ये मसाला उद्योग न सिर्फ हमारे खाने के ज़ायके को बढ़ाता है, बल्कि ग्रामीण इलाकों में भी महिलाओं को रोजगार देता है। ऐसी ही एक कोशिश की है भूमि फाउंडेशन ने।

महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता

जब महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होंगी, तभी वह सशक्त बन सकती हैं। ग्रामीण इलाकों मे जहां महिलाएं बहुत कम शिक्षित या अशिक्षित होती हैं, उनके लिए छोटे-छोटे उद्योग से जुड़कर अपनी आजीविका कमाना एक अच्छा विकल्प है। मसाला उद्योग एक ऐसा ही क्षेत्र है, जो ग्रामीण महिलाओं को बड़े पैमाने पर आत्मनिर्भर बना रहा है। भूमि फाउंडेशन एनजीओ ने महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए ब्लरी फूड्स  के साथ साझेदारी की है। ब्लरी फूड्स प्राकृतिक और शुद्ध मसाले बनाने वाली कंपनी है।

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भूमि फाउंडेशन और महिला सशक्तिकरण

भूमि फाउंडेसन पिछले कई सालों से महिला सशक्तिकरण की दिशा में काम कर रही है। 2017 में इसने महिला सशक्तिकरण सेल की स्थापना की थी, ताकि महिलाओं की जीविका से जुड़े कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा सके। इससे ग्रामीण महिलाएं एक निश्चित आजीविका कमाकर गरीबी के दलदल से बाहर निकल सकें। इस संस्था ने गुरुग्राम में स्पाइस एंड सिरियल प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित किया और आसपास के गांवों में सेल्फ हेल्प ग्रुप बनाए, जो महिलाओं को उचित प्रशिक्षण देकर मसाला उद्योग से जुड़ने में मदद करता है।

महिलाओं के रोज़गार का बनी साधन भूमि फाउंडेशन | इमेज : ब्लरी फूड्स कंपनी

क्या बनाती है ब्लरी फूड्स?

भूमि फाउंडेशन ने महिला सशक्तिकरण के लिए जिस ब्लरी फूड्स कंपनी के साथ साझेदारी की है, वह अच्छी गुणवता वाले, शुद्ध और प्राकृतिक मसाले बनाती है। कंपनी साबुत मसालों के साथ ही शुद्ध पाउडर मसालों और ब्लेंडेड मसालों की भी बिक्री करती है।

मसाला उद्योग कम पढ़ी-लिखी या अशिक्षित ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का बेहतरीन अवसर देता है। यही नहीं यदि को चाहें तो घर बैठे भी मसाले का बिज़नेस कर सकती हैं।

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