मुश्किल वक्त में कैसे बनाएं वर्कलाइफ में संतुलन

कुछ बातों का ध्यान रखकर आप अपने इमोशन्स और वर्कलाइफ को बैलेंस कर सकते हैं।
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किसी अपने को खोने पर दुखी होना लाज़मी है, लेकिन कोई अपना हमें छोड़कर जाने वाला है, यह स्थिति और अधिक मुश्किल और पीड़ादायक होती है, खासतौर पर तब जब आप ऑफिस में हो।

अपने प्रियजनों को खोना जीवन का हिस्सा है और इसे बदला नहीं जा सकता। हम उन्हें खोना नहीं चाहते और हमेशा के लिए अपने पास रखना चाहते हैं, उनके साथ बिताए पलों को हमेशा याद रखना चाहते हैं। हालांकि जब आपको पता हो कि अब वह कुछ ही दिनों के मेहमान है, तो उस स्थिति को हैंडल करना बहुत चुनौतीपूर्ण होता है। फिर भी कुछ तरीके अपनाकर आप इस स्थिति  में अपनी वर्कलाइफ में बैलेंस बना सकते हैं।

स्वीकार करें

किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पहले आपको उसे स्वीकारना होगा। आप इस बात को स्वीकार कर लें कि आप दुखी हैं और मृत्यु सामान्य है। स्वीकार करना ही इस दुख से उबरने का एक रास्ता है।

वर्कलाइफ में बनाये रखें बैलेंस | इमेज : फाइल इमेज

सहयोगी के साथ शेयर करें

दुख बांटने से कम होता है, इसलिए इस पीड़ादायी हालात से निपटने के लिए अपने सहयोगी से अपनी भावनाएं शेयर करें। यदि आप अपनी पूरी टीम के साथ ऐसा नहीं कर सकते, तो अपने प्रति सहानुभूति रखने वाले किसी कलीग के साथ अपनी फीलिंग शेयर करें। इससे ऑफिस में आपके लिए सहज होना थोड़ा आसान हो जाएगा।

वैकल्पिक प्लान बनाएं

ऐसे हालात में किसी को पता नहीं होता कि उसे कब घर जाना पड़ जाए, इसलिए ऑफिस में अपने काम के लिए वैकल्पिक योजना बना लें ताकि आपके जाने से काम बाधित न हो। अपने सीनियर या कलीग से बात करके उनसे मदद मांग सकते हैं जिससे वर्कलोड कम हो जाएगा।

दोस्तों की मदद

वर्किंग प्रोफेशनल के लिए अपने प्रियजन की देखभाल के लिए हमेशा घर में रहना संभव नहीं है। ऑफिस की टाइम लाइन और डेडलाइन के साथ प्रियजन की गंभीर स्थिति आपको मानसिक और भावनात्मक तौर पर बहुत थका देती है। ऐसे में आप अपने किसी दोस्त को कह सकते हैं कि आपकी गैरहाजिरी में घर पर कुछ देर रहे।

वर्कलाइफ में बनाये रखें बैलेंस | इमेज : फाइल इमेज

खुद को थोड़ा स्पेस दें

ऐसी स्थिति में जाहिर सी बात है आपके दिमाग में ढेर सारे विचार आते होंगे और किसी चीज़ को लेकर आप स्पष्ट नहीं है। ऐसे में ऑफिस के काम में कुछ गड़बड़ी न हो, इसके लिए खुद काम करने के बाद अपने सहयोगी को उसे क्रॉस चेक करने के लिए कहें।

ह्यूमन रिसोर्स टीम को जानकारी दें

यह ज़रूरी है कि आप वर्तमान हालत के बारे में कंपनी के एचआर को बताएं। आपके बॉस और कलीग तो आपके प्रति सहानुभूति रखते ही हैं, लेकिन इस स्थिति के बारे में एचआर को बताना आवश्यक होता है, ताकि वह आपकी मदद कर सकें। साथ ही आपकी अनुपस्थिति में आपका विकल्प तलाशने की ज़िम्मेदारी भी उनकी ही होती है।

आप अपने किसी प्रियजन को खोने वाले हैं, इस स्थिति में अपनी भावनाओं को संभालते हुए ऑफिस का काम मैनेज करना किसी चुनौती से कम नहीं है, लेकिन थोड़ी सी समझदारी दिखाकर आप अपनी वर्क लाइफ में संतुलन बनाए रख सकते हैं।

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