अब अन्तरिक्ष की गहराइयों से भी होगी बात

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अगर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी कि इसरो के विकास पर नज़र डाली जाये, तो यह किसी कहानी से कम नहीं हैं। जिस इसरो ने अपने अन्तरिक्ष कार्यक्रम की शुरुआत साईकिल और बैलगाड़ी से की थी, आज वही इसरो देश-विदेश के सैटेलाइट लांच करके नए कीर्तिमान रच रहा है। इसरो की बदौलत आज हम आसमान की ऊँचाइयों से नहीं बल्कि अन्तरिक्ष की गहराइयों से बात करते हैं।

इसरो अब तक सेटेलाइट लॉन्चिंग से जुड़े कई रिकॉर्ड बना चुका है लेकिन यह पहली बार होगा जब मानव मिशन से जुड़े रिकॉर्ड बनाएगा। इसी कड़ी में एक नया नाम है, गगनयान।

क्या है गगनयान मिशन ?

जब देश स्वतंत्रता दिवस की 75 वीं वर्षगाँठ का जश्न मना रहा होगा, तब तक हम एक ऐसी उपलब्धि को हांसिल कर चुके होंगे, जिसे इससे पहले सिर्फ अमेरिका,रूस और चीन जैसे देशों ने हासिल किया है। गगनयान मिशन एक मानव मिशन है, जिसके तहत साल 2022 तक 3 भारतीयों को अन्तरिक्ष की लोअर ऑर्बिट में भेजा जायेगा और लगभग एक हफ्ते तक वहां रखा जायेगा। इसकी खास बात यह है कि इसमें महिला को भी शामिल किया जा रहा है।

आखिर अन्तरिक्ष में मानव मिशन क्यों है महत्वपूर्ण?

जिस तरह हर इंसान चाहता है कि उसे बढ़ चढ़ कर सम्मान मिले, उसी तरह हर देश भी चाहता है कि उसका इस दुनिया में दबदबा हो। गगनयान मिशन की सफलता के बाद इसरो को कई फायदे होंगे-

अब अन्तरिक्ष की गहराइयों से भी होगी बात
भारत की नई उपलब्धि- गगनयान  | इमेज: द नेक्स्ट वेब

इंडियन डिप्लोमेसी को बढ़त- इसरो दूसरे देशों की तुलना में बहुत कम खर्चे में चंद्रयान, मंगलयान जैसे मिशन का सफल प्रक्षेपण कर चुका है और आज भी इसरो कई देशों के सैटेलाइट को अन्तरिक्ष में पहुंचाता है। जिससे देश को ना सिर्फ डिप्लोमेटिक फायदा होता है बल्कि इससे विदेशी करेंसी भी मिलती है।

विज्ञान को बढ़ावा- इसरो के प्रयासों से विज्ञान और तकनीक को बढ़ावा मिला है, इसके लिये इसरो के अध्यक्ष ने भारतीय छात्रो से अपील की है कि वे कॉलेज स्तर पर सेटेलाइट बनायें और इसरो उन्हें फ्री में लांच करेगा। इसीलिए कुछ दिनों पहले भारतीय छात्रों ने भारतीय सेना के लिए एक नेनो सेटेलाइट कलामसैट बनाई थी, जो दुनिया की सबसे कम वजन वाली सेटेलाइट है।

जनहित को प्राथमिकता- आज इसरो ने ऐसे कई सेटेलाइट लांच कर चुका है जिसकी वजह से ना सिर्फ डिज़ास्टर मैनेजमेंट बेहतर हुआ है बल्कि किसानों, दूर-दराज के क्षेत्रों में टेली-एजुकेशन,टेली-मेडिसिन जैसी सुविधाएँ भी पहुंची हैं। मानव मिशन से वैज्ञानिक अन्तरिक्ष की जीरो ग्रेविटी में कई सारे प्रयोग कर सकेंगे, जो आखिरकार जनहित के लिए फायदेमंद होंगे।

अपने विकास कार्यक्रम से हर भारतीय को कंधे से कन्धा मिलाकर चलने का सन्देश देता इसरो-

इसरो ने जिस तरह अन्तरिक्ष के क्षेत्र में महारत हासिल की है, वह हर भारतीय के लिए प्रेरणा और परोपकार का सन्देश देती है। इसरो के नित नये प्रयोग देश को नई ऊंचाइयों पर लेकर जायेंगे।

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