क्या आपका सिल्क क्रूरता मुक्त है?

अब सिल्क बन रहा है अहिंसक तरीके से
FacebookTwitterLinkedInCopy Link

सिल्क सबसे महंगा फैब्रिक है और इसकी बहुत मांग है, लेकिन क्या आपको पता है कि यदि यह सही तरीके से प्राप्त न किया जाए तो सबसे क्रूर फैब्रिक हो सकता है। आपका सिल्क क्रूर तरीके से तो नहीं प्राप्त किया गया, जानने के लिए पढ़े यह लेख।

लग्जीरियस, नरम, सुंदर सिल्क को इन शब्दों से परिभाषित किया जा सकता है। सिल्क निःसंदेह बेहद खूबसूरत होता है और आपकी पूरी पर्सनैलिटी को निखार देता है। हालांकि, कम उत्पादन होने की वजह से यह बहुत महंगा आता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा का सिल्क मिलता कहां से हैं। पारंपरिक सिल्क पाने के लिए रेशम के कीड़ों के साथ बहुत क्रूरता की जाती है, जबकि ऑर्गेनिक सिल्क उससे बेहतर विकल्प है।

क्या आप जानते हैं?

क्या आप जानते हैं कि इस कुदरती फैब्रिक का इतिहास 4 सहस्राब्दी ईसा पूर्व चीन से जुड़ा है। लगभग पहली सहस्राब्दी ईसा पूर्व में सिल्क रोड के उद्घाटन ने इसे जापान और दुनिया के अन्य हिस्सों फैलाया। सिल्क सभी के बीच बहुत लोकप्रिय है और यह अपने स्थायित्व, कोमलता, सर्दियों में गर्म रखने और गर्मियों में ठंडक का एहसास दिलाने वाली क्षमता के लिए जाना जाता है। इसके अलावा, यह डाई के साथ अच्छी तरह मिक्स हो जाता है और पहनने में बहुत हल्का और आरामदायक है।

क्या आपका सिल्क क्रूरता मुक्त है?
रेशम से बनता है मज़बूत कपड़े | इमेज : फाइल इमेज

कैसे बनता है सिल्क?

इस फाइबर में एनिमल प्रोटीन फाइबर होता है जो कीड़ों द्वारा कोकून के निर्माण के दौरान बनते हैं। पूरी दुनिया में लगभग 130 टन रेशम (सिल्क) का उत्पादन होता है, सबसे अधिक 80 प्रतिशत उत्पदन के साथ चीन नंबर वन पर है। जबकि भारत में 10 प्रतिशत सिल्क का उत्पादन होता है। कोरिया, जापान, वियतनाम, थाईलैंड और उज्बेकिस्तान भी रेशम का उत्पादन करते हैं, ब्राजील भी सिल्क का प्रमुख उत्पादक है।

सिल्क निकालने के अमानवीय तरीके

सिल्क निकालने की अमानवीय प्रक्रिया के कारण ही पिछले कुछ समय से इस पर पर्यावरणविद और एनिमल राइट एक्टिविट्स की पैनी नज़र रहती है।

सामान्य रूप से दो तरह की कीट होती हैं, जिनसे सिल्क निकलता है। मलबेरी सिल्क कीट और बॉमबेक्स मोरी कीट। पारंपरिक तरीके इन कीटों के लिए हानिकारक होते हैं। सिल्क वॉर्म को आर्टिफिशियल एन्वॉयरमेंट में अधिक से अधिक अंडे देने के लिए बनाया जाता है। बटरफ्लाई बनने से पहले ही कैटरपिलर कोकून के अंदर 3000 मीटर रेशम के धागे के साथ घूमता है। प्राकृतिक तरीके में कोकून और रेशम का धागा बटरफ्लाई द्वारा हैचिंग के दौरान नष्ट हो जाते हैं। जबकि पारंपरिक तरीके कोकून को पानी में उबालकर रेशम के कीड़ों को मार दिया जाता है। इसके कारण रेशम के रेशे टूटते नहीं हैं बल्कि रेशम के कीड़े मर जाते हैं। इस तरह, रेशम से धागे बनाए जाते हैं और इन्ही धागों से कपड़े बुने जाते हैं

क्या आपका सिल्क क्रूरता मुक्त है?
रेशम से बनते हैं मज़बूत कपड़े | इमेज : फाइल इमेज

ऑर्गेनिक सिल्क  

तो, क्या पारंपरिक रेशम का विकल्प है? अगर पारंपरिक रेशम इकोसिस्टम और जीवन को नुकसान पहुंचाता है, तो क्या ऑर्गेटनिक सिल्क एक बेहतर विकल्प है? ऐसा लग सकता है, हालांकि, दोनों के उत्पादन की प्रक्रिया समान है। एक कोकून में रेशम की केवल थोड़ी मात्रा होती है और लगभग एक पाउंड (लगभग 453 ग्राम) कच्चे रेशम का उत्पादन करने के लिए करीब 2,500 रेशम के कीड़ों को आवश्यकता होती है।

ऑर्गेनिक सिल्क के उत्पादन और कपड़े तैयार करने में कीटनाशकों और हानिकारक केमिकल का इस्तेमाल नहीं होता, लेकिन इसकी प्रक्रिया बहुत लंबी है और पारंपरिक सिल्क के मुकाबले कम मात्रा में उत्पदान होता है। ऑर्गेनिक सिल्क का उत्पदान बहुत कम मात्रा में होता है और इसे नियंत्रित भी किया जा सकता है, इसे बनाने के लिए कच्चा माल भी कम मिलता है।

अहिंसा या पीस या वेगन सिल्क

पारंपरिक और ऑर्गेनिक सिल्क के क्रूर तरीके अहिंसा सिल्क या एरी सिल्क में इस्तेमाल नहीं होते। इसमें अहिंसक रूप से कीटों से रेशम निकाला जाता है। इस प्रक्रिया रेशम के कीड़ों को कोकून से निकालने की अनुमति दी जाती है। बाद में, वे कोकून से धागे को बाहर निकालने से पहले पतंगों और फिर तितलियों में बदल जाते हैं। इस प्रोसेस में 2-4 हफ्ते का समय लगता है, जिससे रेशम का उत्पादन बहुत कम होता है, लेकिन कीटों की ज़िंदगी बच जाती है।

ऑर्गेनिक सिल्क की तरह, उन पेड़ों पर कोई हानिकारक रसायन या कीटनाशक का इस्तेमाल नहीं किया जाता है, जहां रेशम के कीड़े पनपते हैं। बल्कि उऩ्हें कैटरपिलर और पेड़ की पत्तियों को अन्य पक्षियों और कीड़ों से बचाने के लिए पूरे पेड़ को जाल से ढक दिया जाता है। इस विधि को रेशम उत्पादन में सबसे क्रूरता-मुक्त माना जाता है।

क्या आपका सिल्क क्रूरता मुक्त है?
रेशम से बनते है मज़बूत कपड़े | इमेज : फाइल इमेज

डिज़ाइनर्स की पसंस है अहिंसा

हालांकि शायद ही कोई बड़ा ब्रांड अपने कपड़ों के लिए एथिकल सोर्स सिल्क प्राप्त करता है, लेकिन कई ऐसे डिज़ाइनर हैं, जिन्होंने अपने क्रिएशन के लिए क्रूरता मुक्त रेशम का चुनाव किया है। वेन्डेल रॉड्रिक्स, प्रियंका एला लोरेना लामा, अकीरा मिंग, आशा और गौतम गुप्ता, विनाला मिश्रा, आविला मिश्रा, प्रियंका एला लोरना लामा (पिला), दिव्या अहलूवालिया, (एकेरा मिंग के संस्थापक डिजाइनर) जैसे डिज़ाइनर अपने कलेक्शन में सिर्फ अहिंसा सिल्क का इस्तेमाल करते हैं। डिज़ाइनर अब्राहम और ठाकोर ने भी पहले एरी सिल्क का इस्तेमाल करते हुए अपनी लाइन प्रेज़ेंट की थी।

तमिलनाडु बेस्ड लेबल, शुभम साड़ीज क्रिएशन वेगन सिल्क वाली खूबसूरत, नरम और हल्की साड़ियां बनाते हैं। यह साड़ियां आपके बजट में भी फिट हो जाएंगी। वेगन सिल्क ह्यूमन मेड फाइबर है जो प्योर सिल्क का एहसास दिलाता है। अगली बार जब भी आप सिल्क का खूबसूरत स्कार्फ या सिल्क कांजीवरम खरीदने जाएं, तो एक बार इस बात पर विचार कर लें कि इसे बनाने के लिए कितनी ज़िंदगियां खत्म की गई हैं?

और भी पढ़िये : नासा और इसरो का सफर तय करेगी तमिलनाडु की लड़की

अब आप हमारे साथ फेसबुक, इंस्टाग्रामट्विटर और टेलीग्राम पर भी जुड़िये।

Your best version of YOU is just a click away.

Download now!

Scan and download the app

Get To Know Our Masters

Let industry experts and world-renowned masters guide you towards a meditation and yoga practice that will change your life.

Begin your Journey with ThinkRight.Me

  • Learn From Masters

  • Sound Library

  • Journal

  • Courses

Congratulations!
You are one step closer to a happy workplace.
We will be in touch shortly.