खुश रहने के लिए सीखे वर्तमान को स्वीकारना

अतीत और भविष्य को भूलकर जिसने इस पल में जीना सीख लिया, समझो ज़िंदगी का असली मतलब समझ लिया।
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पिछले साल आप मैच में हार गए, तो अब एक साल पीछे जाकर उसे बदल तो नहीं सकते न। इसी तरह अगले साल क्या होने वाला है या आने वाले कल के पिटारे में आपके लिए कौन-सी मुश्किलें होंगी, इसके बारे में अभी से सोचने पर क्या आपका आने वाला कल बदल जाएगा? नहीं न, तो फिर क्यों बीते कल और आने वाले कल की चिंता में आज को बर्बाद कर रहे हैं। आज, अभी, इस पल जो भी है उसे स्वीकार करिए और खुश रहिए। जिस दिन आप वर्तमान पल में स्वीकार करना सीख जाएंगे, समझ लीजिए ज़िंदगी की आधी से ज़्यादा परेशानी उसी वक़्त खत्म हो जाएगी।

स्वीकारने से डरें नहीं

मौजूदा हालात हो या भावनाएं उसे स्वीकारने से डरे नहीं। अगर अभी आप दुखी है और आंखों से आंसू बह रहे हैं, तो उसे बह जाने दें, क्योंकि भावानाओं को यदि स्वीकार कर लिया जाए तो वह कुछ देर में मन से चली जाती है। आंसू बह जाने पर मन हल्का हो जाता है, लेकिन आप यदि इस दुख को स्वीकारेंगे नहीं और लंबे समय तक उसके बारे में सोचते रहेंगे तो मानसिक तनाव पैदा हो जाएगा। आज आपकी परीक्षा अच्छी नहीं हुई, तो इसे स्वीकार लीजिए, क्योंकि जब तक आप ऐसा नहीं करेंगे तो कल के लिए तैयारी नहीं कर पाएंगे। इसलिए ‘आज’ चाहे जैसा भी हो उसे स्वीकार करें।

रिमाइंडर लगाएं

इंसान की फितरत ही ऐसी होती है कि वह बीते कल के बुरे अनुभवों को अक्सर याद करने लगता है। यदि आपका मन भी अक्सर अतीत में गोते लगाने लगता है, तो अपने मोबाइल में रिमाइंडर सेट करके रखे। जैसे आप खाली समय में यदि किसी विचार में खो जाते हैं तो उस वक्त का रिमाइंडर लगाएं इससे आपका मन बीते कल में भटकने से बच जाएगा और आप वर्तमान में लौट आएंगे।

अतीत से बाहर आकर आज को अपनाएं | इमेज : फाइल इमेज

खुद को व्यस्त रखे

आपने एक बात पर गौर किया होगा कि जब हम किसी काम में व्यस्त रहते हैं तो हमारा मन बीते कल और आने वाले कल के विचारों में नहीं भटकता है और हम अपने वर्तमान काम को करते रहते हैं। इसलिए ज़रूरी है कि आप खुद को हमेशा व्यस्त रखें। इसका मतलब यह कतई नहीं कि आप 24/7 काम करते रहे, बल्कि काम खत्म होने पर एक रूटीन तय करें कि शाम को सैर के लिए जाना है, योग करना है, कोई हॉबी क्लास या दोस्तों के साथ कुछ देर गप्पे मारना है।

आसपास को महसूस करें

वर्तमान पल को स्वीकारने का मतलब है इसी पल में जीना और इसके लिए आपको अपने अंतर्मन को जागरुक रखना होगा। अपने आसपास की चीज़ों को देखें और उसका अनुभव करें। बगीचे के सुंदर फूल, हरे-भरे पेड़, गार्डन में खेलते बच्चे, कहीं बजता मधुर संगीत, जो कुछ भी आपके आसपास है उसे महसूस करें।

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हर पल जी भर जिएं

कल तो अनिश्चित है तो उसके बारे में सोचकर आज का मज़ा क्यों किरकिरा कर रहे हैं। एक साल पहले तक क्या किसी को पता था कि ऐसी महामारी आएगी जिसके कारण सामान्य जीवन जीना, दोस्तों/रिश्तदारों से मिलना, उनके साथ घूमना एक सपना हो जाएगा? नहीं न, इसी तरह हमें नहीं पता आने वाले कल में क्या होगा, तो इस पल जो भी है उसी के साथ खुशी रहिए और उसे स्वीकारिए।

जो व्यक्ति अक्सर ख्यालों में खोया रहता है वह हमेशा मायूसी के साये में घिरा रहता है, तो आज आपके पास यदि अच्छा दोस्त/परिवार है, तो उनके साथ का आनंद उठाएं। खुश रहने का मंत्र बहुत आसान है आज में जिएं और जो है, जैसा है उसे स्वीकार करें।

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