रहस्य और रोमांच से भरे हैं उनाकोटी के जंगल

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विविधताओं से भरपूर इस देश में घूमने लायक असंख्य जगहे हैं, कुछ बहुत मशहूर हो चुकी है, तो कुछ अभी भी भीड़भाड़ और लोकप्रियता से दूर है। ऐसी ही एक जगह है त्रिपुरा का उनाकोटी, जो किसी रहस्य से कम नहीं है। घने जंगलों में देवी-देवताओं की लाखों मूर्तियों वाला यह स्थान बेहद रोमांचक है। प्राकृतिक सुंदरता के साथ ही भगवान की मूर्तियां इसे रोमांचक धार्मिक स्थल बना देती है।

कहां है उनाकोटी?

उनाकोटी त्रिपुरा की राजधानी अगरतला से 178 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। उनाकोटी का स्थानीय भाषा में मतलब होता है एक करोड़ से कम। दरअसल, यहां देवी-देवताओं की 99 लाख 99 हजार मूर्तिया हैं। कुछ मूर्तियां पत्थरों को काटकर बनाई गई है, तो कुछ पत्थरों पर उकेरी हुई हैं। जंगल में इतनी बड़ी संख्या में मूर्तियों की मौजूदगी हैरान करती है और आजतक इस रहस्य पर से पर्दा नहीं हट पाया है कि आखिर ये मूर्तियां बनाई किसने हैं। हालांकि इसके बारे में अलग-अलग कथा ज़रूर प्रचलित है।

शिव भक्त ने बनाई

एक प्राचीन लोक कथा के अनुसार कल्लू कुम्हार नाम का एक शिवभक्त था, जो बहुत अच्छा मूर्तिकार था। उसने सालों तपस्या करके भोलनाथ को प्रसन्न कर लिया और उनके साथ कैलाश जाने की इच्छा जताई। शिव जी ने शर्त रखी कि यदि वह एक रात में एक करोड़ मूर्तियां बना लेता है, तभी उसे कैलाश ले जाएंगे। कल्लू काम में जुट गया, मगर अगले दिन तक एक करोड़ में एक मूर्तियां कम ही बना पाया जिस वजह से वह कैलाश नहीं जा पाया। एक अन्य प्राचीन कथा के अनुसार, एक बार भगवान शिव एक करोड़ देवताओं के साथ काशी जा रहे थे। तो रात के समय सभी देवी-देवताओं ने उनाकोटी में रुकने निर्णय लिया। शिवजी ने सबको कहा कि सुबह सूर्य निकलने से पहले सबको यह जगह छोड़नी होगी, लेकिन सुबह सिर्फ शिव जी ही उठ पाये और बाकी देवताओं को सोता देख वह क्रोधित हो गए और उन्हें शाप दिया कि वह सब मूर्ति बन जाये।

रहस्य और रोमांच से भरे हैं उनाकोटी के जंगल
उनाकोटी की रहस्यमयी मूर्तियां |इमेज : फाइल इमेज

अनोखी मूर्तियां

घने जंगलों और पहाड़ों वाला उनाकोटी अपने अंदर अनेक रहस्य समेटे हुये है। चूंकि त्रिपुरा में पर्यटकों के लिये बुनियादी सुविधाएं बहुत अच्छी नहीं है, इसलिए यहां कम संख्या में पर्यटक आते हैं, लेकिन जो भी आते हैं रोमांचित हो जाते हैं। यहां भगवान शिव की कई विशाल मूर्तियां हैं, एक मूर्ति 30 फीट ऊंची है। भगवान शिव के साथ ही देवी दुर्गा और गणेश जी की भी अनोखी मूर्ति है। गणेश जी की एक मूर्ति में चार हाथ और तीन बाहर की तरफ निकले दांत बने हैं, तो उनकी दो मूर्तियों में आठ हाथ और चार दांत बने हुये हैं। मूर्तियों घने जंगलों, कलकल बहती नदियां और ऊंचे पहाड़ उनाकोटी को रोमांचक यात्रा के शौकीनों के लिए परफेक्ट डेस्टिनेशन बनाते हैं। यदि कुछ अनोखा और कुदरत को एकदम करीब से महसूस करना चाहते हैं, तो उनाकोटी की यात्रा ज़रूर करें।

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