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कैसे करें सफर के नाम से होने वाली घबराहट को दूर

कैसे करें सफर के नाम से होने वाली घबराहट को दूर

  • सफर के नाम से होने वाली असहजता के कारण को पहचान कर आप ट्रैवल स्ट्रैस को कर सकते हैं दूर
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एंज़ाइटी या घबराहट, एक ऐसी भावना, जो तब विकसित होती है जब आपका शरीर तनाव के प्रति प्रतिक्रिया करता है। इसके कारण आपको तनाव व हाई बल्ड प्रेशर हो सकता है। हर व्यक्ति के तनाव का कारण अलग हो सकता है। ऐसे कई लोग हैं जिनको सफर से पहले या सफर के दौरान स्ट्रैस होने लगता है, और तो और ऐसे भी कई लोग होते हैं, जिनको घर से बाहर जाने भर के नाम से ही तनाव हो जाता है।ऐसे लोगों को अनजानी जगह जाने में घबराहट होती है, कहीं जाने से पहले की जाने वाली तैयारियों से परेशानी महसूस होती है, या किसी घटना को अनुभव करने या सुनने के बाद सफर करने से डर लगने लगता है। हालांकि, किसी भी नई जगह जाने से हर व्यक्ति को थोड़ी बहुत हिचकिचाहट तो होती ही है, लेकिन परेशानी तब होने लगती है जब आप किसी जगह जा कर आनंद लेने की बजाय बस तनाव से घिरे रहते हैं।

जानिए अपने तनाव का कारण

अगर आप सफर से जुड़े तनाव से पीछा छुड़ाना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको उसके पीछे छिपे कारण को समझना होगा।

  • विमान यात्रा से डर
  • अपने कंफर्ट ज़ोन से बाहर निकलने का डर
  • दूसरों से यात्रा के दौरान होने वाली दुर्घटना के बारे में सुनी कहानी से डर
  • सफर के बीच में किसी हादसे या अनहोनी का डर

अगर आप उस चीज़ को समझ जाएंगे जिससे आपको ट्रैवल स्ट्रैस होता है, तो आप यात्रा से पहले ही उसके समाधान को ढूंढ सकते हैं।

कैसे दूर करें अपने यात्रा के डर को?

अपने डर को पहचाने

अगर आपको समझ आ गया कि आपको यात्रा से डर क्यों लगता है, तो आप इससे से डरने की बजाय अपने डर का सामना कर सकते हैं।

दूर की रखें सोच, पहले से रहे किसी भी चीज़ के लिए तैयार

जैसे, अगर यात्रा के दौरान अगर आपके पैसे खत्म हो जाएं, तो आप किसे संपर्क कर सकते हैं, अगर आप कहीं खो जाएं तो मैप की मदद से वापस आ सकते हैं, किसी भी तरह की बीमारी से खुद को ट्रैवल इंश्योर करवा सकते हैं।

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घर से दूर जाने से पहले कर सकते हैं प्रबंध

अगर घर खाली छोड़ कर जा रहे हैं, तो किसी दोस्त या रिश्तेदार से मदद ले सकते हैं और उनको घर पर रुकने या वहां का ध्यान रखने को कह सकते हैं।

यात्रा के दौरान खुद को रखें व्यस्त

आपको जिस चीज़ से सुकून मिलता हो, उसे साथ रखें, जैसे कोई किताब, पज़ल, म्यूज़िक के लिए फोन और ईयरफोन, गेम्स आदि।

रिलैक्स होने का करें अभ्यास

नियमित मेडिटेशन से आपका तनाव बेहद कम हो सकता है। ऐसे में अगर आप मेडिटेशन करते हैं, तो आपको यात्रा के दौरान भी मदद मिल सकती है। साथ ही आप गहरी सांस ले कर अपनी मांसपेशियों को रिलैक्स कर सकते हैं।

दोस्तों के साथ कर सकते हैं यात्रा

अगर आपको अकेले यात्रा करने में असहजता होती है, तो किसी दोस्त, ट्रैवल पार्टनर या ट्रैवल ग्रुप के साथ घूमने जा सकते हैं। इससे आपको अकेलेपन से डर नहीं लगेगा।

मेडिकेशन की ले सकते हैं मदद

अगर आपको महसूस हो रहा है कि ऊपर बताई गई किसी भी बात से आपको मदद नहीं मिल रही है, तो आप डॉक्टर की सलाह पर मदद ले सकते हैं। वो आपको एंज़ाइटी के लिए एंटिडिप्रेसैंट डे सकता है।

उम्मीद करते हैं कि अगली बार जब आप घूमने जाएंगे तो सारी चिंताओं को पीछे छोड़ कर यात्रा का आनंद उठाएंगे।

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