इस नवरात्रि, आवाहन करें अपने अंदर की शक्ति का

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हिंदू कैलेंडर के अनुसार, चैत्र साल का पहला महीना होता है और इसकी शुरूआत चैत्र नवरात्रि से होती है। इन नौ दिनों में देवी शक्ति की आराधना की जाती है। देवी शक्ति खुद को तीन रूप में प्रकट करती हैं, इसलिए नौ दिनों के तीन हिस्से कर के देवी के इन तीनों रूप को पूजा जाता है। पहले तीन दिन मां दुर्गा की आराधना की जाती है, जिन्हें उर्जा की देवी माना जाता है। अगले तीन दिन मां लक्ष्मी का पूजन किया जाता है, जो धन की देवी हैं और आखिरी के तीन दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है, जो ज्ञान की देवी हैं।

इस साल आप देवी की पूजा तो करें ही, लेकिन अपने अंदर की शक्ति का भी आवाहन करें। वह शक्ति, जो आपके अंदर की नेगेटिविटी को खत्म करके इमोशन्स को पॉज़िटिव बनायेंगी।

नेगेटिविटी का करें नाश

ईर्ष्या

खुद को बनायें पॉज़िटिव  | इमेज: फाइल इमेज

जीवन में किसी से भी जलन की भावना न रखें। अगर आपको लगता है कि किसी के पास कोई ऐसी चीज़ है, जो आपके पास नहीं हैं तो अपने से नीचे के लोगों को देखिये। आपको समझ आ जायेगा कि आपके पास भी ऐसा कुछ है, जिसको पाने के लिए कोई और सपने देखता है। अपने आप में संतोष रखना सीखिये।

निराशा

खुद को बनायें पॉज़िटिव  | इमेज: फाइल इमेज

जीवन उतार-चढ़ाव का खेल है। कल आप जीते थे, तो हो सकता है कि आज हार जायें, लेकिन एक दिन आयेगा जब जीत एक बार फिर आपकी होगी। आपको बस मन में आशा और विश्वास बनाये रखना।

दुख

खुद को बनायें पॉज़िटिव  | इमेज: फाइल इमेज

जीवन में अगर दुख आ जाये, तो घबराइये मत। जिस तरह आपके जीवन में एक समय सिर्फ खुशियां ही खुशियां थी, वैसा समय फिर आयेगा जब आपके चारों तरफ खुशहाली आ जायेगी। धीरज रखिएये।

शर्म

खुद को बनायें पॉज़िटिव  | इमेज: फाइल इमेज

कोई भी ऐसी चीज़ न करें, जिससे आपको शर्मिंदगी महसूस हो। लेकिन अगर आपको लगता है कि जाने अनजाने कोई भूल हो गई है, तो बिना हिचके उसे स्वीकार करें और माफी मांग लें।

डर

खुद को बनायें पॉज़िटिव  | इमेज: फाइल इमेज

अगर आपको किसी भी चीज़ से डर लगता है, तो उससे दूर भागने की बजाय उसका सामना करें। अक्सर ऐसा माना जाता है कि डर का सामना करने से डर खत्म हो जाता है।

डिप्रेशन

खुद को बनायें पॉज़िटिव  | इमेज: फाइल इमेज

हर किसी की ज़िंदगी में ऐसा समय कभी न कभी ज़रूर आता है, जब वह अपने आसपास की परिस्थिति से नाखुश होता है। इसकी वजह से लोगों की ज़िंदगी से रुचि ख़त्म होने लगती है और रोज़मर्रा के कामकाज से मन उचट जाता है। अगर आपको भी इस तरह की कोई भावना अपनी ओर खींच रही है, तो उस परिस्थिति से लड़ना सीखें और अपने परिवार व दोस्तों से मदद लें।

नेगेटिव इमोशन्स आपका आत्मविश्वास छीन लेते हैं, अपनों से दूर कर देते है और साथ ही आपके शरीर को बीमार कर देते है। इसलिए इस नवरात्रि, अपने नेगेटिव इमोशन्स को हराने की प्रतिज्ञा करें और शक्ति के रूप में विजयी बनें।

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