क्या होता है जब आप जंक फूड खाते हैं?

आपकी सेहत बिगाड़ सकता है जंक फूड का अधिक सेवन
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फास्ट फूड बच्चे ही नहीं बड़ों को भी बहुत भाता है और अक्सर वीकेंड पर पूरी फैमिली के साथ लोग इसका आनंद लेने के लिए निकल पड़ते हैं। शहरों में यह ट्रेंड बहुत ज़्यादा है, लेकिन क्या आपको पता है हर हफ्ते फास्ट फूड का मज़ा लेने की आदत आपकी सेहत के लिए सजा बन सकती है। फास्ट फूड का सेहत पर बहुत ही बुरा असर होता है।

महीने में एक बार बाहर का खाना खाने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन आप यदि अक्सर ही खुद और बच्चों को फास्ट फूड की ट्रीट देते हैं तो सावधान हो जाइए, क्योंकि यह सेहत के लिए बहुत हानिकारक होता है।

पाचन तंत्र और कार्डियोवास्कुलर सिस्टम पर असर

अधिकांश फास्ट फूड, जिसमें पेय पदार्थ भी शामिल हैं, में कार्बोहाइड्रेट की अधिक मात्रा होती है जबकि फाइबर नहीं होता है। ऐसे मे जब ये पदार्थ शरीर के अंदर पहुंचते हैं और आपका पाचन तंत्र इन्हें तोड़ता है तो कार्बोहाइड्रेट ग्लूकोज़ (शुगर) बनकर आपके रक्त में पहुंच जाता है। नतीजा ये होता है कि इससे ब्लड शुगर लेवल ब़ढ़ जाता है। हालांकि सामान्य स्वस्थ इंसान के पैनक्रियाज़ इंसुलिन का उत्पादन करती है जो ग्लूकोज़ को पूरे शरीर में पहुंचाकर एनर्जी की ज़रूरत को पूरा करता है। लेकिन आप यदि फास्ट फूड का ज़्यादा सेवन करने लगते हैं तो यह संतुलन बिगड़ जाता है और टाइप 2 डायबिटीज़ के साथ ही वज़न बढ़ने का खतरा भी रहता है।

श्वसन प्रणाली पर प्रभाव

फास्ट फूड की अतिरिक्त कैलोरी आपका वज़न बढ़ा सकती है। मोटापे के कारण श्वसन प्रणाली संबंधी समस्याएं जैसे सांस लेने में परेशानी हो सकती है। बढ़े हुए वज़न के कारण आपके हृदय और फेफड़े पर दबाव पड़ता है जिसकी वजह से थोड़ा भी चलने, सीढ़ियां चढ़ने और कसरत करने पर सांस फूलने लगती है। एक अध्ययन के अनुसार हफ्ते में 3 बार फास्ट फूड खाने वाले बच्चों में अस्थमा का जोखिम अधिक होता है।

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ज़्यादा जंक फूड खाने से होती है पेट की समस्या | इमेज : फाइल इमेज

सेंट्रल नर्वस सिस्टम पर असर

एक अध्ययन के मुताबिक, जो लोग फास्ट फूड खाते हैं उन्हें डिप्रेशन का खतरा, फास्ट फूड न खाने या बहुत कम खाने वालों से 51 प्रतिशत अधिक होता है। तो आप भी यदि अक्सर वीकेंड पर फास्ट फूड और पेस्ट्री की पार्टी करते हैं, तो अब सतर्क हो जाइए।

रिप्रोडक्टिव सिस्टम (प्रजनन प्रणाली) पर प्रभाव

फास्ट फूड में मौजूद तत्व फर्टिलिटी को भी प्रभावित करते हैं। एक अध्ययन के मुताबिक, प्रोसेस्ड फूड में थेलेट्स होता है जो एक तरह का केमिकल है और यह हार्मोन्स को प्रभावित करती है। यदि किसी गर्भवती महिला के शरीर में इस केमिकल की मात्रा अधिक है, तो होने पर बच्चे में जन्मजात दोष हो सकता है।

हड्डियों को कमज़ोर बनाता है

प्रोसेस्ड और फास्ड फूड में आपके मुंह में एसिडी की मात्रा बढ़ा देते हैं जो दांतों के इनेमल को नुकसान पहुंचाता है। जबकि फास्ट फूड मोटापा बढ़ाता है और मोटापे के कारण हड्डियों और मसल्स से जुड़ी समस्या खड़ी हो जाती है। मसल्स और हड्डियों की मज़बूती के लिए नियमित कसरत के साथ ही हेल्दी फूड लेना भी ज़रूरी है।

तो अब से फास्ट फूड को कहें न, क्योंकि यह आपकी जेब और सेहत दोनों पर भारी पड़ सकता है।

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