क्यों खाएं ऑर्गेनिक आहार, जानिए 5 कारण

ऑर्गेनिक खेती क्या है और उससे होने वाले फायदे
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फलों, सब्जियों और अनाजों के उत्‍पादन में केमिकल का उपयोग हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत नुकसानदेय है। हरित क्रांति के समय अच्छी और ज़्यादा पैदावर के लिए कीटनाशक दवाइयों का  इस्तेमाल कृषि में किया गया, लेकिन यह तरीका इतना बढ़ गया है कि अब ये हमारी सेहत के साथ-साथ जमीन की सेहत को भी नुकसान पहुंचाने लगा। जिससे कई खतरनाक बीमारियां बढ़ने लगीं। इन बीमारियों से बचाव के लिए ज़रूरी है कि ऑर्गेनिक फूड्स का सेवन करें और सेहत के साथ ज़मीन की सुरक्षा भी बढ़ाये कैसे आइए जानते हैं इसके बारे में कुछ महत्‍वपूर्ण बातें –

क्या है आर्गेनिक खेती?

आर्गेनिक खेती वह तरीका है जिसमें प्राकृतिक रूप से खेती होती है। इसमें किसी भी तरह के कीटनाशक दवाओं या रसायनों का उपयोग नहीं किया जाता है। इसमें प्राकृतिक खाद का इस्तेमाल होता है। मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए क्रॉप रोटेशन का प्रयोग किया जाता है। इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर मूवमेंट के अनुसार ऑर्गेनिक खेती मनुष्य के साथ साथ मिट्टी और पर्यावरण के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित और फायदेमंद है।

ऑर्गेनिक फूड के फायदे

पोषण देते हैं आर्गेनिक फूड्स

ऑर्गेनिक खाना सामान्य तौर पर ताज़ा होता है क्योंकि इसमें कीटनाशक कम होते हैं। इन्हें छोटे पैमाने पर खेतों में उगाया जाता है। आर्गेनिक तरह से उगाए गए फलों, सब्जियों और अनाज में सबसे अधिक पोषक तत्व होते हैं। प्रिसिंपल ऑफ ऑर्गेनिक एग्रीकल्चर (IFOAM) के शोधकर्ताओं ने आर्गेनिक खेत से उगे फल और नॉर्मल खेती से उगाए गए फलों का टेस्ट किया। इस स्टडी में यह निष्कर्ष निकला कि ऑर्गेनिक रूप से उगाए गए फूड में पोषण कई गुना अधिक होता है।

ऑर्गेनिक फल-सब्जियों में है पोषण तत्व |इमेज : फाइल इमेज
केमिकल रहित होता है आर्गेनिक फू

बीज बोने से लेकर फसल की कटाई तक ढेरों पेस्टिसाइड और केमिकल फसल पर डाले जाते हैं। कीड़ो के लिए जहरीले पदार्थ इंसानों के लिए भी खतरनाक होते हैं। ऐसे में हम जो भी फल-सब्जी खाते हैं, वह केमिकल से लैस होते हैं। ऑर्गेनिक खेती में किसी प्रकार का केमिकल नहीं होता, इसलिए यह फल-सब्जी हमे सिर्फ पोषण देते हैं। इससे हम उन बीमारियों से बच जाते हैं, जो केमि‍कल के दुष्‍प्रभाव से उत्‍पन्‍न होती है।

मिट्टी को बनाता है उपजाऊ

कोई भी पौधा उगने के लिए मिट्टी से पोषण लेता है। मिट्टी को अपनी उर्वरा शक्ति बढ़ाने में समय लगता है। जब उस मिट्टी में केमिकल फर्टिलाइज़र्स डाल दिये जाते हैं, तो मिट्टी बंजर होने लगती है। लेकिन ऑर्गेनिक फार्मिंग में मिट्टी को और उपजाऊ बनाने के लिए गोबर और केचुओं की खाद का इस्तेमाल होता है। इससे मिट्टी में पोषक तत्व बढ़ते हैं।

पर्यावरण संरक्षण

केमिकल का खेती में प्रयोग केवल इंसानों के लिए खतरनाक नहीं है, बल्कि प्रकृति को भी बहुत हानि पहुंचाता है। केमिकल मिट्टी में रहने वाले जीव जंतुओं को नष्ट कर भूमि प्रदूषण फैलाते हैं और जब यह केमिकल पानी के साथ रिस कर जलाशयों तक पंहुचते हैं, तो जल प्रदूषण भी फैलाते हैं।
ऑर्गेनिक खेती सिर्फ हमारे लिए ही नहीं प्रकृति के लिए भी बहुत ज़रूरी है।

किसानों की होती है मदद

जैसे स्वस्थ रहने के लिए ऑर्गेनिक फूड ज़रूरी है, वैसे ही लोकल फल–सब्जियों को खरीदकर आप किसानों की मदद करते हैं। जो सीधे किसानों से लोकल बाजर में आते हैं। इसलिए आगे से जब भी कुछ खरीदने की सोचे तो इन बातों को ध्यान में ज़रूर रखें और लोकल फल-सब्जियों को ही घर ले जाएं।

और भी पढ़िये : ‘लायन क्वीन’ – रसीला वाढेर की कहानी

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