क्यों लौट रही है सदियों पुरानी ऑयल पुलिंग तकनीक?

मुंह और दांतों की सफाई का आयुर्वेदिक तरीका
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पानी से कुल्ला तो आप रोजाना करते होंगे, लेकिन क्या कभी तेल से कुल्ला किया है? आप सोच रहे होंगे कि भला ये कैसा अजीब सवाल है, लेकिन यह सवाल बिल्कुल वाजिब है। तेल से कुल्ला करना सदियों पुराना आयुर्वेदिक तरीका है, जिसे ऑयल पुलिंग के नाम से जाना जाता है। हालांकि इस तकनीक को बहुत पहले आमतौर पर किया जाता था लेकिन अब भी कई लोग ऑयल पुलिंग करते हैं। आइए, जानते हैं इसके क्या फायदे हैं।

जानीमानी हस्तियां करती है ऑयल पुलिंग

ऑयल पुलिंग मुंह के हानिकारक बैक्टीरिया को खत्म करने के साथ ही बॉडी को डिटॉक्स भी करता है। अनुष्का शर्मा और शिल्पा शेट्टी जैसी अभिनेत्रियां भी नियमित रूप से इसे करती हैं। अनुष्का ने कुछ महीने पहले एक इंस्टाग्राम पोस्ट शेयर करके इसकी जानकारी दी थी, वहीं शिल्पा ने एक इंटरव्यू में बताया था कि वह कोल्ड प्रेस्ड नारियल तेल से ऑयल पुलिंग करती हैं। यदि आप भी अपने दांतों को चमकदार और मुंह को स्वस्थ बनाए रखना चाहते हैं तो रोजाना सुबह उठकर सबसे पहले ऑयल पुलिंग करें। जानकारों के मुताबिक, सुबह बासी मुंह इसे करना ज़्यादा फायदेमंद होता है। हां, याद रखिए कि यह ब्रश करने का विकल्प नहीं है।

कैसे की जाती है ऑयल पुलिंग?

ऑयल पुलिंग उसी तरह से की जाती है जैसे आप माउथवॉश करते हैं। एक चम्मच तेल को मुंह में भरकर इधर उधर घुमाएं ताकि मुंह के सारे बैक्टीरिया इससे खत्म हो जाए। ऐसा करीब 15 से 20 मिनट तक करना चाहिए, लेकिन शुरुआत में असहज लगने पर आप 2 से 5 मिनट से भी शुरुआत कर सकते हैं। ध्यान रहे कि तेल को निगलना नहीं है मुंह में घुमाने के बाद फेंक देना है। यदि आपको किसी तरह की स्वास्थ्य समस्या है या कोई उपचार चल रहा है तो डॉक्टर से सलाह अवश्य लें। ऑयल पुलिंग के लिए नारियल तेल को ही सबसे अच्छा माना जाता है। इसके अलावा आप इसके लिए ऑलिव ऑयल या तिल के तेल का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

ऑयल पुलिंग के फायदे

हानिकारक बैक्टीरिया का खात्मा

विशेषज्ञों के मुताबिक हमारे मुंह में 700 से भी अधिक प्रकार के बैक्टीरिया होते हैं। इनमें से कई बैक्टीरिया दांतों में सड़न, सांसों की दुर्गंध और मसूड़ों की बीमारी के लिए जिम्मेदार होते हैं। नियमित रूप से ऑयल पुलिंग करने से मुंह के हानिकारक बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं।

मुंह की दुर्गंध से छुटकारा

संक्रमण, मसूड़ों की बीमारी, ओरल हाइजीन का ख्याल न रखना और जीभ के ऊपर परत जमना जो किसी बैक्टीरिया के कारण होता है, मुंह की दुर्गंध के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं। ऑयल पुलिंग करने से इस समस्या से भी राहत मिलती है।

कैविटी

ज़्यादा मीठा खाने या बैक्टीरिया के इकट्ठा होने के कारण कैविटी की समस्या हो सकती है, जिसे ऑयल पुलिंग से दूर किया जा सकता है।

शरीर को डिटॉक्सिफाई करता है

आयुर्वेद के अनुसार शरीर को डिटॉक्सिफाई करके कई बीमारियों से बचा जा सकता है और ऑयल पुलिंग डिटॉक्सिफिकेशन का एक अच्छा तरीका है। यह मुंह के बैक्टीरिया को बाहर निकालता है और जब आप तेल बार थूकते हैं तो शरीर के हानिकारक पदार्थ भी बाहर निकल जाते हैं। ऑयल पुलिंग एक प्राचीन तकनीक है, लेकिन अब शहरो में भी बहुत से लोग इसके फायदे को देखते हुए इसे आज़माने लगे हैं।

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