खानपान की आदतों में करे बदलाव

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बदलते वक्त के साथ लोगों के खान-पान की आदतों में भले ही बदलाव कर लिया हो और अपने खान-पान को लेकर लोग काफी एहतियात भी बरतने लगे हो लेकिन इसके बावजूद सुपरफूड हमारे भोजन में शुमार है, जो सेहत के लिए ठीक नहीं है। बस आप मामूली प्रयास, सिंपल ट्रिक्स और अभ्यास के जरिये आप हेल्दी डाइट को अपने जीवन में शुमार कर सकते हैं।

जंक फूड को कहें ‘न’

जब बात हेल्दी डाइट की आती है, तो इसे आसान बनाने का पहला तरीका यह है कि जंक फूड को आप अपनी नजरों से दूर रखें। हालांकि, इंसान की फितरत होती है कि वह आसानी से उपलब्ध हो जाने वाली चीजों की ओर झट से आकर्षित हो जाता है। खान-पान के मामले में जंक फूड बहुत कुछ ऐसा ही है। इसमें एक ग्रैविटी होती है, जो आपको अपनी ओर खींचती है और अंततः आपकी कमजोरी बन जाती है। इसलिए इससे दूर रहना ही सही है।

हेल्दी फूड्स तक बनाएं पहुंच

अनहेल्दी फूड को खुद से दूर रखने के बाद हेल्दी फूड तक आप अपनी पहुंच को आसान बना सकते हैं। इसके लिए अपने टेबल, फ्रिज या काउंटरटॉप पर फ्रेश फल और सब्जियां रखें। ऐसे में जब आप अपने फ्रिज को खोलेंगे, तो हेल्दी फूड पर आपकी नजर पहले पड़ेगी और आप इसे ही खाएंगे।

इमेजः फाइल इमेज

पानी से बढ़ाएं दोस्ती

पर्याप्त पानी पीना सेहत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन ऐसा करना उतना ही मुश्किल है। दरअसल, शरीर को भोजन से अवशोषित पोषक तत्वों को पचाने सहित अन्य प्रक्रियाओं के लिए पानी बहुत जरूरी होता है। इसका मतलब यह नहीं कि हेल्दी भोजन करने के बाद एक बार में ही पर्याप्त पानी पीकर निश्चिंत हो जाएं। इस बात को भूल जाएं कि सेहत के लिए सोडा, जूस जैसी हाई कैलोरी ड्रिंक्स लेना ही पर्याप्त है। नहीं, ऐसा करके आप प्यास बुझाने के नाम पर हर बार बेवजह कैलोरी ले रहे हैं, जो सही नहीं है। इसके बदले में आपको समय-समय पर पानी लेने की जरूरत है।

गिलास से भी पड़ता है असर

एक रिसर्च से पता चला है कि विभिन्न साइज के गिलास हमारे पीने की आदतों को प्रभावित करते हैं। आमतौर पर आनंद एवं संतुष्टि के लिए लोग मोटा और चौड़ा गिलास लेते हैं, ताकि ज्यादा मात्रा में ड्रिंक उसमें आ सके। इसलिए जब भी पानी पिएं, तो चौड़े गिलास ही लें।

छोटी प्लेट में करें भोजन

आमतौर पर कहावत है कि जितनी बड़ी प्लेट, उतना ज्यादा भोजन। एक रिसर्च में यह कहावत बिल्कुल सच साबित हो चुकी है, क्योंकि रिसर्च में पता चला कि विभिन्न आकार के प्लेटों में लोगों ने अलग-अलग मात्रा में भोजन किया। यानी, भोजन की मात्रा प्लेट की साइज पर डिपेंड थी। छोटी प्लेट वाले ने जहां कम खाना खाया, वही बड़ी प्लेट में लोगों ने ज्यादा भोजन किया। तो अगर आप हेल्थ कॉन्शस हैं, तो छोटी प्लेट में भोजन को प्रियोरिटी देना बेहतर होगा।

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