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कोरोना काल ने बदल दिया गणतंत्र दिवस मनाने का तरीका

कोरोना काल ने बदल दिया गणतंत्र दिवस मनाने का तरीका

  • कोविड-19 के दौरान कैसे मनाया जाएगा गणतंत्र दिवस

पिछले एक साल से कोरोना की वजह से लगभग सभी कार्यक्रमों में फेरबदल करके उसे नए तरीके से आयोजित किया गया है। उसी तरह भारत में भी पहली बार गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम में कुछ बदलाव किए गए हैं। हालांकि टीकाकरण शुरु हो चुका है, लेकिन कोरोना से ये लड़ाई अभी लंबी है। इसलिए देश के सबसे बड़े लोकतांत्रिक उत्सव की परेड कुछ अलग होने वाली है।

गणतंत्र पर कोरोना का साया

इस बार देश अपना 72वां गणतंत्र मना रहा है, लेकिन इस बार का गणतंत्र दिवस समारोह हर साल की तरह भव्य नहीं होगा। जानिए बदलावों की कुछ फेहरिस्त –

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– 5 दशक में पहली बार बिना किसी विदेशी मेहमान के मनाया जाएगा गणतंत्र। दरअसल, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन इस बार मुख्य अतिथि बनने वाले थे, लेकिन कोरोना की वजह से उन्होंने अपना दौरा रद्द कर दिया और फिर सरकार ने सुरक्षा को मद्देनज़र रखते हुए किसी विदेश मेहमान को न्योता नहीं दिया।

  • परेड की लंबाई में कोरोना काल में कम कर दी गई है। इस बार परेड विजय चौक से शुरू होकर नेशनल स्टेडियम तक जा सकती है, जबकि हर साल यह राजपथ से शुरू होकर लाल किले तक जाती थी।
  • परेड में शामिल सैनिक टुकड़ियों की संख्या में भी कमी की गई है। पहले जहां 144 सैनिक रहते थे, इस बार सिर्फ 96 सैनिक ही परेड में शामिल होंगे। साथ ही सबके लिए मास्क पहनना अनिवार्य है।
  • गणतंत्र दिवस के मौके पर वाघा बॉर्डर पर हर साल होने वाली बीटिंग रिट्रीट का आनंद इस साल आम लोग नहीं ले पाएंगे।
गणतंत्र दिवस परेड में हुए कई बदलाव | इमेज : फाइल इमेज

बच्चों और बुजुर्गों को मनाही

  • हर साल जहां एक लाख से अधिक लोग राजपथ की परेड में देखने के लिए आते थे, लेकिन वहीं इस बार सिर्फ 25 हज़ार लोगों को ही परेड देखने की इजाज़त है, जिसमें 4000 आम जनता और बाकी वीआईपी और वीवीआई लोग शामिल हैं।
  • 15 साल से कम और 65 साल से अधिक के बुजुर्गों को परेड में आने की इजाज़त नहीं है।
  • परेड के दौरान दर्शकों के बीच सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का भी पूरा ध्यान रखा गया है।
  • इस बार 26 जनवरी की परेड में छोटे बच्चों को एंट्री नहीं मिलेगी। परेड में सिर्फ 15 साल से अधिक उम्र के स्कूली बच्चे ही शामिल हो सकते हैं।
  • परेड देखने के लिए भी बच्चों और दिव्यांग बच्चों के लिए अलग से कोई व्यवस्था नहीं है। यानी उन्हें परेड देखने की भी इजाज़त नहीं है।
  • हर साल की तरह इस साल लोग भीड़ में खड़े होकर भी परेड नहीं देख पाएंगे। जितनी सीटें है बस उतने ही लोग जा सकते हैं।

इस बार का गणतंत्र दिवस पूरे कोविड-19 प्रोटोकॉल के साथ मनाया जाएगा।

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