दोस्ती के रिश्ते को कैसे बनाएं मज़बूत

रिसर्च से पता चला है अच्छा दोस्त मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ज़रूरी है
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दोस्ती का रिश्ता बहुत खूबसूरत होता है। आपके पास अगर सिर्फ एक अच्छा दोस्त है तो भी समझिए आपके पास दुनिया की बहुत बड़ी दौलत है, क्योंकि यही वह रिश्ता है जो दिल के सबसे करीब होता है और जिसका साथ होंठों पर मुस्कान बिखेर देता है। तो क्यों न दोस्ती के इस खूबसूरत रिश्ते को और गहरा बनाया जाए।

रिसर्च ने भी माना दोस्ती होती है बहुत खास

हर किसी के पास एक दोस्त ऐसा ज़रूर होता है जिसके सामने वह अपने दिल के सारे राज खुलकर बोल सकता है, उसके सामने दिल खोलकर हंसने और आंसू बहाने में उसे संकोच नहीं होता। दोस्ती का रिश्ता बहुत खास होता है और इस बात को कई स्टडी भी मानती है। एक अध्ययन के मुताबिक, दोस्ती आपके संपूर्ण मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ज़रूरी है। जबकि कुछ अन्य अध्ययन बताते हैं कि दोस्ती आपके हर दिन की खुशियों को तय करती हैं और अच्छे दोस्तों की संगत से उम्र भी बढ़ती है। किसी व्यक्ति के मानसिक स्वास्थ्य और जीवन की गुणवता पर किसी भी अन्य रिश्ते से ज़्यादा गहरा असर दोस्ती के रिश्ते का ही पड़ता है। तो जब यह रिश्ता इतना खास होता है तो क्यों न इसे और मज़बूत बनाया जाता।

विश्वसनीय बनें

यदि आपका दोस्ता आपसे कोई बहुत ही निजी बात साझा करता है तो यह आपकी ज़िम्मेदारी है कि आप उसे यह यकीन दिलाएं कि यह बात सिर्फ आप दोनों के बीच ही रहेगी। विश्वास ही दोस्ती के रिश्ते को और गहरा बनाती है।

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दोस्ती का रिश्ता होता है दिल के सबसे करीब |इमेज : फाइल इमेज

मतभेद को मनभेद न बनने दें

मनमुटाव और झगड़े तो हर रिश्ते में होते हैं तो भला दोस्ती का रिश्ता इससे कैसे अछूता रह सकता है। किसी बात पर दोस्त से असहमत होना या झगड़ लेने में कोई बुराई नहीं है, मगर ध्यान रहे कि आप दोनों के दिल एक-दूसरे के लिए गुस्सा या ईर्ष्या का भाव न आए। बहस के कुछ देर बाद आप खुद ही पहल करें और अपने दोस्त से बात करें। यदि दिल में कोई बात है तो खुलकर बात कर लें, किसी बात को मन में दबाए न रखें।

ज़रूरत के समय दोस्त के पास मौजूद रहें

खुशी हो या गम हर मौके पर दोस्त के साथ मौजूद रहना ही सच्ची दोस्ती है। हो सकता है कभी बिज़ी होने के कारण आप उसके पास न पहुंच पाए, लेकिन आपके पास फोन तो है न। तो दोस्त को फोन करके बधाई दें या किसी बुरी घटना के लिए मैसेज के जरिए अपनी संवेदना जताएं, बस उसे यह एहसास करना ज़रूरी है कि आप उसके साथ हैं।

दोस्ती को प्राथमिकता दें

ऑफिस और घर की ज़िम्मेदारियों के बीच अगर आप महीनों से अपने दोस्त से नहीं मिले हैं तो एक कभी समय निकालकर दोनों एकसाथ घूमने निकल जाइए या फिर वक्त मिलने पर फोन पर ही गप्पे मार लीजिए। वरना आपकी ज़िम्मेदारियों में उलझकर आप इस खूबसूरत रिश्ते को खो देंगे।

खास दिन याद रखें

दोस्त के जन्मदिन या शादी की सालगिरह जैसे खास दिनों पर उसे बधाई देना न भूलें। आपका छोटा सा शुभकामना संदेश उन्हें एहसास दिलाता है कि आप उनके लिए कितने खास है।

आभार जताना न भूलें माना कि दोस्ती में थैंक्यू और सॉरी के लिए जगह नहीं होती है, मगर कभी-कभार दोस्तों को थैक्यू बोलना भी ज़रूरी होता है। आपका छोटा सा शुक्रिया उन्हें आपके और करीब ले आता है।

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