निराली होती है कॉन्फिडेंट लोगों की बात

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कोई भी व्यक्ति गुणों का भंडार ही क्यों न हो, लेकिन अगर उसमें कॉन्फिडेंस नहीं है, तो उसकी तमाम क्वालिटी बेमानी है। दरअसल कॉन्फिडेंस एक ऐसा छिपा हुआ गुण है, जिसका पता केवल लंबे समय के गहन अवलोकन से ही चलता है। यही वजह है कि कॉन्फिडेंट लोग जो कुछ भी करते हैं, उसके बारे में ढिंढोरा नहीं पीटते हैं, क्योंकि उनका कॉन्फिडेंस लेवल ही उनकी ताकत होती है। आप भी जानिए, आखिर कॉन्फिडेंट लोग और क्या कुछ नहीं करते हैं-

दूसरों को नहीं करते जज

दूसरों की बुराई करने वालों में आत्म-मूल्यांकन की बहुत कमी होती है। यही वजह है कि ऐसा शख्स, जो वास्तव में कॉन्फिडेंट और सेक्योर है, उन्हें दूसरे लोगों में कमियां ढ़ूंढ़ने की जरूरत नहीं होती और न ही वे लोग इसका अहसास कराते रहते हैं। यानी, वे किसी को भी किसी भी तरह से जज नहीं करते हैं।

‘नो एक्सक्यूज़’ कभी नहीं

कॉन्फिडेंट लोगों की सबसे विशेषता यह होती है कि वे दूसरों के फेल्योरेंस पर न तो उन्हें ताने मारते हैं और न अपनी कामयाबी का ढिंढोरा पीटते हैं। यहां तक कि अपनी असफलताओं पर कोई एक्सक्यूज़ देना भी इन्हें पसंद नहीं आता। मतलब यह है कि ऐसे लोग दूसरों या खुद को कभी भी किसी कमी का दोष नहीं देते हैं। उन्हें पता होता है कि असली पॉवर अपने हाथों में होती है क्योंकि उनके पास कॉन्फिडेंस का ऐसा स्तर होता है, जो उनकी क्षमता में विश्वास जताता है।

इमेजः फाइल इमेज

आरामतलबी से कोसों दूर

कॉन्फिडेंट लोग को यह पता होता है कि कंफर्ट जोन से बाहर आने के बाद ही पर्सनल ग्रोथ होती है। वे मानते हैं कि जब तक आप कंफर्ट मोड से बाहर नहीं निकलेंगे, आगे नहीं बढ़ पाएंगे और अगर आपके जीवन में वाकई कोई हलचल नहीं है, तो फिर आप मुर्दा समान हैं। जीने के लिए आराम करना और आराम से जिंदगी जीना, दोनों अलग चीजें हैं। इसलिए आपको जीवन की बाधाओं से पार न पाने के अपने डर को जीतना होगा। कॉन्फिडेंट लोग इसे समझते हैं, इसीलिए चैलेंजेस के लिए तैयार रहते हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि वे लगातार बढ़ रहे हैं।

करते हैं खास प्लानिंग

कॉन्फिडेंट लोगों को पता होता हैं कि वे कितने क्षमतावान हैं, इसलिए अपनी इस क्वालिटी के दम पर रिसोर्स तैयार कर लेते हैं। उन्हें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि रिसोर्स की कमी आ गई, तो फिर क्या करेंगे, क्योंकि वे ऐसी फीलिंग्स को वे अपने पास आने ही नहीं देते हैं। हां, अगर उनमें पूंजी, कनेक्शन, स्किल या ज्ञान की कमी है, तो वे अपनी क्षमता बढ़ाने में बिलीव करते हैं और अपनी कमी को दूर करने के लिए खास प्लानिंग के साथ आगे बढ़ते हैं।

मतभेदों से नहीं भागते

कॉन्फिडेंट लोगों को विवादों-मतभेदों से भी जूझना पड़ता है लेकिन उन्हें पता होता है कि जीवन में यह भी जरूरी है। इसी वजह से वे इससे लड़ने के बजाय वे उस विवादों-मतभेदों को प्रभावी ढंग से खत्म करना चाहते हैं। चाहे इसके लिए उन्हें झुकना पड़े, किसी अन्य के लिए खड़ा होना पड़े या किसी भी तरह अपनी राय रखनी पड़े, वे खुद पहल करते हैं, ताकि उनकी पहल से पहले कोई दूसरा उन्हें दोषी न ठहरा दे।

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