पर्यावरण के लिए ज़रूरी है इलेक्ट्रोनिक्स को सही निपटाएं

ईवेस्ट कचरे का सही प्रबंधन करने के लिए कई संस्थाएं आगे आ रही है
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तेज़ी से बदलते ज़माने में हर दूसरे दिन नई-नई तकनीक इजाद हो रही है। ऐसे में टेक्नो सेवी लोग कुछ महीनों के अंदर ही अपने इलेक्ट्रोनिक डिवाइस को अपडेट करते रहते हैं। इसमें कोई बुराई नहीं है, लेकिन नया सामान लाने से पहले क्या पुराने इलेक्ट्रोनिक आइटम्स का आप सही तरीके से निपटान करते हैं?

बाकी चीज़ों की तरह की इलेक्ट्रोनिक कचरे को यदि यूं ही फेंक दिया जाए तो यह पर्यावरण को बहुत नुकसान पहुंचाता है, क्योंकि इमसें कई तरह के हानिकारक केमिकल होते हैं। इसलिए ई कचरे को सही तरीके से निपटाना पर्यावरण की सुरक्षा के लिए बहुत ज़रूरी है। चलिए आपको बताते हैं कैसे आप ई वेस्ट (कचरे) का प्रबंधन कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले आपको इसकी कैटेगरी तय करनी होगी।

ई वेस्ट की तीन कैटेगरी में बांटे

पुराने उपकरणों और इलेक्ट्रोनिक/ इलेक्ट्रिकल कचरों को उसके आकार और हानिकारक केमिकल्स के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटे- भारी, खतरनाक और गैर-खतरनाक।

पर्यावरण के लिए ज़रूरी है इलेक्ट्रोनिक्स का सही निपटान
ई कचरे को सही तरीके से करें निपटान |इमेज : फाइल
  • फ्रिज, वाशिंग मशीन, टेलीविजन आदि बहुत भारी उपकरण हैं, जिन्हें आप खुद डिस्पोजल सेंटर तक नहीं ले जा सकते, इसलिए यह भारी वाली कैटेगरी में आते हैं।
  • लाइट बल्ब, बैटरी, मॉनिटर/स्क्रीन, टोनर, कार्टिज आदि खतरनाक कैटेगरी में आते हैं।
  • केबल, चार्जर, लैपटॉप, फोन, माइक्रोवेव आदि गैर खतरनाक कैटेगरी में आते हैं।

तय करिए ई वेस्ट का क्या करें

पहले यह तय करिए कि आपको ई वेस्ट की रिकाइकलिंग करनी है या इसे पूरी तरह से खत्म करना है। वैसे तो ई वेस्ट का सही तरीके से निपटा दिया जाएं, तो बेहतर होता है, लेकिन कोई यदि तुरंत नहीं हटाना चाहता, तो सुरक्षित तरीके से इसे घर में भी रख सकते हैं।

पर्यावरण के लिए ज़रूरी है इलेक्ट्रोनिक्स का सही निपटान
ई कचरे को सही तरीके से करें निपटान |इमेज : फाइल

हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि बैटरी और अन्य खतरनाक चीज़ें दूसरे कचरे से दूर रखें, वरना इनमें मौजूद हानिकारक केमिकल दूसरी चीज़ों को भी दूषित कर देगें। जिन चीज़ों की रिसाइकलिंग की जा सकती है, उसे रिसाइकल के लिए दे दें।

निपटान का पहला विकल्प

निपटान करने के लिए आपको सही तरीका चुनना होगा। ई वेस्ट का निपटान हमारे देश में कई तरह से किया जाता है।

  • आप एनजीओ/सीएसआर संस्थाओं द्वारा बनाए गएं ई वेस्ट ड्रॉप ऑफ बिन में अपना ई कचरा रख सकते हैं। इसमें सिर्फ गैर खतरनाक कचरे को खत्म कर दिया जाता है।
  • आप शहर के ई वेस्ट कलेक्शन सेंटर में भी जा सकते हैं, जहां आप ऊपरी बताई गई हानिकारक केमिकल युक्त चीज़ों के बारे में उन्हें बताएं।

दूसरा विकल्प

  • यदि संभव हो तो पुरानी चीज़ों को एक्सचेंज करें। पुराने मोबाइल, टीवी, फ्रिज और वॉशिंग मशीन आदि एक्सचेंज करके नया ले सकते हैं। दुकानों के अलावा कई ऑनलाइन वेबसाइट भी यह ऑप्शन देती है।
  • आजकल कई एनजीओ और अन्य संस्थाएं हैं जो घर-घर जाकर लोगों से ई कचरा कलेक्ट करते हैं। आप उनसे भी संपर्क कर सकते हैं।
  • हर शहर में कई एनजीओ, सीएसआर और म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन के अलावा अन्य संस्थाएं हैं, तो पूरे देश में ई वेस्ट सर्विस की सुविधा मुहैया कराते हैं।

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