पशु प्रेमियों के लिये खुशखबरी- एनिमल प्रोटेक्शन लॉ में पीजी डिप्लोमा

FacebookTwitterLinkedInCopy Link

जानवरों के साथ हो रही क्रूरता रोकने और उनकी हिफाज़त के लिए अक्सर सोशल वर्कर से लेकर सेलिब्रिटीज़ तक कैंपेन चलाते रहते हैं। जानवरों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों को जानने और समझने के लिये अब पशु प्रेमी एनिमल प्रोटेक्शन लॉ की पढ़ाई भी कर सकते हैं।

एक साल की पढ़ाई

हैदराबाद स्थित नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज़ एंड रिसर्च (नलसार) में एनिमल प्रोटेक्शन लॉ में पोस्ट ग्रैज्युएट डिप्लोमा कोर्स शुरू हो रहा है, यह अपनी तरह का पहला कोर्स होगा। ज़ाहिर है इस नये कोर्स से एनिमल लवर्स काफी खुश होंगे क्योंकि जानवरों की सुरक्षा के लिये बने तमाम कानूनों के बावजूद अक्सर उनके साथ क्रूरता की घटनाएं सामने आती रहती हैं। इस कोर्स के लिए हैदराबाद की नेशनल एकेडमी ऑफ लीगल स्टडीज़ एंड रिसर्च ने ह्यूमन सोसाइटी इंटरनेशनल/इंडिया के साथ साझेदारी की है।

डिस्टेंस लर्निंग

यह डिस्टेंस लर्निंग कोर्स होगा, जिसमें हर सेमेस्टर में छात्रों के लिये कुछ कॉन्टेक्ट क्लास रखें जायेंगे। इस कोर्स को सरकारी अधिकारियों, पशु संरक्षण से जुड़े लोगों, छात्रों और इस क्षेत्र में दिलचस्पी रखने वाले लोगों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुये डिज़ाइन किया गया है। छात्रों को पढ़ाई के लिये किताबें दिये जाने के साथ ही प्रेज़ेन्टेशन और विडियो कॉन्फ्रेंसिंग से लैक्चर अटेंड करने की भी सुविधा रहेगी।

पशु प्रेमियों के लिए खुशखबरी- एनिमल प्रोटेक्शन लॉ में पीजी डिप्लोमा
जानवरों से बनता है पर्यावरण  | इमेज : फाइल इमेज

वन्य जीव सरंक्षण कानून

वन्य जीवन की सुरक्षा के लिए 1972 में वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम पारित किया गया था। इस अधिनियम का उद्देश्य जंगली जानवरों, पक्षियों और पौधों को सुरक्षा देना है। इसके तहत जंगली जानवरों को परेशान करने और उनके शिकार पर भी प्रतिबंध है। इस कानून के तहत सिर्फ जानवर ही नहीं, बल्कि पक्षी और जंगल का जीवन सब आता है। वैसे जानवरों के बचाने के लिए कानून के साथ ही समाजसेवी संस्थाएं और कई सेलिब्रिटी अक्सर अभियान चलाते रहते हैं। इसी कड़ी में कुछ सेलिब्रिटी अक्सर लोगों से शाकाहारी बनने की अपील करते हैं और जानवरों के साथ हो रही क्रूरता रोकने की कोशिश भी करते है।

जानवरों के प्रति रखें सोच सही

– जानवरों में भी भावनायें होती हैं, इसलिये उनके साथ क्रूर व्यवहार कतई न करें।

– उन्हें मारना, रंग पोतना या पूंछ पर पटाखे इत्यादि हिंसक काम न खुद करें और न ही किसी को करने दें।

– सभी जीवों के साथ दयाभाव रखें।

और भी पढ़े: स्वस्थ आदतों को शामिल करें अपने रूटीन में

अब आप हमारे साथ फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर भी जुड़िये।

Your best version of YOU is just a click away.

Download now!

Scan and download the app

Get To Know Our Masters

Let industry experts and world-renowned masters guide you towards a meditation and yoga practice that will change your life.

Begin your Journey with ThinkRight.Me

  • Learn From Masters

  • Sound Library

  • Journal

  • Courses

Congratulations!
You are one step closer to a happy workplace.
We will be in touch shortly.