बच्चों के लिये ज़रूरी है पैरेंट्स से बात करना

बच्चों के लिये ज़रूरी है पैरेंट्स से बात करना

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बच्चे आमतौर पर अपने दोस्तों से ज़्यादा बातें करते हैं लेकिन मुश्किल वक्त में सलाह लेने के लिये वह पैरेंट्स के पास ही जाते हैं। फिर भी कुछ मुद्दों पर उनकी झिझक बनी रहती है। कुछ बातों का ध्यान रखकर बच्चे हर मुद्दे पर आसानी से अपने पैरेंट्स से बात कर सकते हैं।

रोज़ाना अपनी बातें बतायें

आप जिस काम को जितना ज़्यादा करते हैं, वह उतना ही आसान हो जाता है। इसलिये यदि बच्चे अपनी रोज़ाना की बातें पैरेंट्स को बतायें, तो उनके लिये गंभीर मुद्दों पर पैरेंट्स से बात करना आसान हो जायेगा।

छोटी-बड़ी हर बात शेयर करें

हर दिन पैरेंट्स से बात करने के लिए कुछ मुद्दे सोचे। जैसे स्कूल में आपकी टीम ने फुटबॉल में कैसा प्रदर्शन किया, टीचर ने आपसे क्या कहा। छोटी-छोटी बातें भी ज़रूरी है, जैसे आज रात को खाने में आप क्या बन रहा है जैसे बातें भी पैरेंट्स और बच्चों के बीच की बॉन्डिंग को मज़ूबत करेगा और बच्चे सहज महसूस करेंगे।

आज से करिये शुरुआत

यदि आपको लगता है कि पैरेंट्स के साथ आपके रिश्ते में थोड़ी दूरियां आ गई है, तो चिंता की कोई बात नहीं है। बातचीत के ज़रिये इस दूरी को कम करने की कोशिश करें। अपने पालतू जानवर या छोट भाई-बहन की किसी बात से बातचीत की शुरूआत करें। रोज़ाना पैरेंट्स से बात करने से रिश्ता मज़बूत बनता है और सहजता भी बनी रहती है।

strengthen your bond
अपनी बॉन्डिंग करें मज़ूबत |इमेज : फाइल इमेज

जब करनी हो पैरैंट्स से मुश्किल बात

जब आप पैरेंट्स से किसी मुश्किल विषय जैसे- एग्ज़ाम में फेल होने या किसी काम में असफल होने की बात करना चाहते हैं, तो ज़ाहिर सी बात है डर और टेंशन से आपके हाथ-पांव फूलने लगते हैं और समझ नहीं आता कि कैसे शुरुआत करें। ऐसे में बातचीत शुरू करने के लिए तीन स्टेप्स को फॉलो करें।

पहला कदम

सबसे पहले यह पता लगायें कि आप बातचीत से क्या पाना चाहते हैं, यानी आपका क्या रिज़ल्ट चाहते हैं। जैसे आपकी बात सुनकर समझें, आपको सलाह दें या आप जो करना चाहते हैं, उसकी इजाज़त दें।

दूसरा कदम

अपनी भावनाओं को पहचानें यानी अगर आप अपनी बात कहने से डर रहे हैं, तो अपने पैरेंट्स को बतायें कि आप अपनी बात कहने से डर रहे हैं।

तीसरा कदम

बातचीत के लिए सही समय चुनें। किसी गंभीर विषय पर शांति से और फुर्सत से बात करनी चाहिये। मुश्किल समय और परिस्थितियों से निकलने में पैरेंट्स ही बच्चों की मदद करते हैं, इसलिये उनसे हमेशा संपर्क बनाये रखें। यह भी याद रखें कि पैरेंट्स ही आपको सही और सच्ची सलाह देंगे।

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