सीवरों की सफाई करेंगे रोबोट

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मुंबई में ब्रिटिश जमाने के बने भूमिगत नालों और नालियों की सफाई के लिए अब रोबोट को उतारा जाएगा। यह रोबोट आसानी से मेनहोल में उतरकर सीवर की अच्छी सफाई कर सकेंगे। इनकी सफाई के लिए फिलहाल इंसानों के साथ मशीनों की भी मदद ली जाती है लेकिन इससे नालों के अंतिम छोर तक की सफाई संभव नहीं हो पाती है। इसी दिक्कत को देखते हुए अब वाईफाई, ब्लूटूथ और कंट्रोलिंग सिस्टम से बने रोबोट सीवर की सफाई को अंजाम देंगे। खास बात यह कि जनवरी 2019 से ही रोबोट का उपयोग करने के लिए सिविक बॉडी दो साल में 60 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

भूमिगत नाले-नालियों की हुई पहचान

हर साल बीएमसी मॉनसून से पहले के महीनों यानी कि जनवरी से मई तक के कामों में नालों की सफाई को प्रमुखता से देखता है, ताकि बरसाती पानी का प्रवाह आसान हो जाए। इसके बावजूद मॉनसून के दौरान मुंबई टापू ही बना रहता है। इसी समस्या से निपटने की कोशिश में म्यूनिसिपल कमिश्नर ने एक समीक्षा बैठक में बीएमसी के स्टोर्मवॉटर ड्रेन डिपार्टमेंट के चीफ इंजीनियर से उन नाले- नालियों की सूची मांगी थी, जिन्हें रोबोट द्वारा साफ किया जाएगा। उसके बाद विभाग ने ऐसे नाले-नालियों की पहचान शुरू की, जिन्हें प्रियोरिटी के तौर पर साफ करने की ज़रूरत है। इन नाले-नालियों पर मानसून के दौरान काम शुरू होने की उम्मीद है।

सीवर साफ करने हुए आसान | इमेज: अलजज़ीरा

कैमरों से लैस रोबोट होगा रिमोट से नियंत्रित

इस रोबोट में कैमरे होंगे और इसे रिमोट से कंट्रोल किया जाएगा, जो नाली से सिल्ट को हटाकर उसे रेसीलर मशीन में रखेगा। सफाई अधिकारी मॉनिटर पर यह देख पाएंगे कि रोबोट ने कितना सिल्ट हटा दिया है। इस योजना पर काम 15 दिसंबर से शुरू होगा, जबकि इसका ज़मीनी काम एक जनवरी से शुरू किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के संबंध में बीएमसी ने अधिसूचना एवं कार्य आदेश भी जारी कर दिया है।

मुंबई के बड़े हिस्से में नालियां हैं भूमिगत

दरअसल, मुंबई में ब्रिटिश जमाने की नालियों की सफाई एक बड़ी समस्या रही है क्योंकि वे भूमिगत हैं और कई जगहों पर इमारतों के नीचे बनी हैं। ब्रिटिश युग की नालियों में प्रति घंटे महज 25 मिमी जलप्रवाह की क्षमता है। हालांकि, 2005 के जलप्रलय के बाद अधिकांश नालियों की जलप्रवाह क्षमता बढ़ाया गया था लेकिन इससे भी बात नहीं बनी। वैसे भी मुंबई के बड़े हिस्से में नालियां भूमिगत हैं, इसलिए उन्हें चौड़ा या गहरा करना कतई संभव नहीं है। ऐसे में यह रोबोट सफाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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इमेज: स्क्वाल्म

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