विचारों में दृढ़ता और एकाग्रता लाता है आज्ञा चक्र

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शरीर के सात चक्रों में से आज्ञा चक्र छठा मूल चक्र है तो आपको सिद्धि प्राप्त करने में मदद करता है। यानी इस चक्र को जागृत करके आप परमात्मा से जुड़ जाते हैं और आपकी सारी आंतरिक शक्तियां जागृत हो जाती है।

आज्ञा चक्र

आज्ञा का अर्थ होता है आदेश। यह चक्र मस्तिष्क के पास दोनों भौंहों के बीच में स्थित होता है, इसलिए इसका आपके बौद्धिक ज्ञान से गहरा संबंध है। भौंहों के बीच में होने की वजह से इसे तीसरी आंख भी कहा जाता है। बैंगनी रंग का यह चक्र कल्पना शक्ति और पूर्वाभास की क्षमता बढ़ाता है। आपके अंदर की सारी शक्तियों को जागृत करके सारे अवगुणों को समाप्त करता है। यह चक्र चेतना के स्तर पर सिर्फ आत्मा और परमात्मा के अस्तित्व को ही स्वीकार करता है। इसके संतुलित रहने पर आप स्थिर और मानसिक रूप से शांति का अनुभव करते हैं।

संतुलित करने के लिए हर्ब्स

जब व्यक्ति का ये चक्र सक्रिय और संतुलित रहता है, तो वह बौद्धिक रूप से संपन्न होता है और उसे सहज बोध और आंतरिक ज्ञान प्राप्त होता है। जब यह चक्र असंतुलित होता है तो आप भ्रमित और उतावले हो जाते हैं और आपको सिरदर्द, अनिद्रा और एंग्ज़ाइटी की समस्या हो सकती है। इसे संतुलित करने के लिए पैशन फ्लावर का इस्तेमाल करें। यह हर्ब्स अनिद्रा, डिप्रेशन और एंग्ज़ाइटी के लक्षणों को कम करके आपको अंतरात्मा से जोड़ता है। तनाव दूर करने के लिए चंदन जलाएं जो शांति और स्पष्टता को प्रेरित करता है।

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आज्ञा चक्र को जागृत करने के लिए संकल्प

  • मुझे अपने अंर्तज्ञान पर भरोसा है।
  • मैं अपने आध्यात्मिक सत्य से जुड़ा हुआ महसूस करता हूं।
  • मैं अपने आंतरिक ज्ञान से मार्गदर्शन लेता हूं।
  • मुझे अपने निर्णय पर भरोसा करता हूं।
  • मेरे विचार शांत हैं।
  • मैं अपने मन को सहजता से शांत कर लेता हूं।
यह चक्र मानसिक शांति प्रदान करता है |इमेज : फाइल इमेज

आज्ञा चक्र को जागृत करने के उपाय

धूप और एसेंशियल ऑयल जलाएं

इस चक्र को जागृत करने के लिए एसेंशियल ऑयल, मोमबत्ती या कैमोमाइल, जायफल और चंदन की धूप जलाएं।

योगासन

कुछ खास आसनों से इस चक्र को जागृत किया जा सकता है जैसे- बद्ध वीरभद्रासन, शलभासन, उष्ट्रासन, बालासन, डॉलफिन पोज़ आदि।

मेडिटेशन के ज़रिए इस चक्र के साथ जुड़ें

ध्यान के ज़रिए आप अपनी अंतरात्मा से फिर से जुड़ सकते हैं। यह विचारों के निरंतर प्रवाह को शांत करता है। इस चक्र से जुड़ने के लिए आप मेडिटेशन के दौरान माइंडफुल ब्रिदिंग की प्रैक्टिस कर सकते हैं। आप चाहें तो दोनों पैरों को क्रॉस करके या शवासन में लेटकर गहरी सांस लेने और छोड़ने की प्रक्रिया कर सकते हैं।

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