बढ़ते प्रदूषण के बीच कैसे रखें फेफड़ों की सेहत का ख्याल

प्रदूषण से अस्थमा, हार्ट अटैक और लंग कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
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दिल्ली-एनसीआर में पिछले कई सालों से हवा की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। यह प्रदूषण इस कदर बढ़ चुका है कि सांस लेना भी दुभर हो गया है। बढ़ता वायु प्रदूषण आपके स्वास्थ्य के लिए खतरे की घंटी है, क्योंकि इसका न सिर्फ फेफड़ों पर बुरा प्रभाव पड़ता है, बल्कि अस्थमा, हार्ट अटैक, स्ट्रोक और लंग कैंसर जैसी घातक बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए अपने लंग यानी फेफड़ों की सेहत का ध्यान रखना ज़रूरी है।

सिगरेट और तंबाकू से तौबा कर लें

ये दोनों ही चीज़ें आपके फेफड़ों का स्वास्थ्य बिगाड़ सकती है। इससे क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पलमनरी डिसीज़ (chronic obstructive pulmonary disease) के साथ ही कैंसर और स्ट्रोक का खतरा भी बढ़ता है।

इंडोर वायु प्रदूषण से बचाव

वायु प्रदूषण सिर्फ घर के बाहर ही नहीं होता, बल्कि यह अंदर भी है और जानकारों के मुताबिक, बहुत खतरनाक होता है। दरअसल, कमरे में सही तरह से वेंटीलेशन न होना प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह है। इसके अलावा फ्रिज, एसी जैसे उपकरणों की नियमित सर्विसिंग न करवाने पर भी हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है। सफाई के लिए इस्तेमाल होने वाले केमिकल्स भी प्रदूषण फैलाते हैं। इससे बचने के लिए कमरे में शुद्ध हवा आने की व्यवस्था होनी चाहिए और कुछ इंडोर प्लांट्स लगाएं, जो घर की हवा को शुद्ध करते हैं। साथ ही साफ-सफाई के लिए केमिकल की बजाय ऑर्गेनिक उत्पादों का इस्तेमाल करें, घर में धूल-मिट्टी न जमा होने दें।

लंबे समय से चले आ रहे संक्रमण का उपचार

यदि आपको फेफड़ों की कोई समस्या लंबे समय से है या अस्थमा से पीड़ित हैं, तो उसका समय पर सही इलाज कराना ज़रूरी है। प्रदूषण के माहौल में सेहत को लेकर की गई लापरवाही भारी पड़ सकती है।

ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ से बढ़ाएं फेफड़ों की क्षमता

कोरोना और प्रदूषण के बढ़ते स्तर के बीच फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए ब्रीदिंग एक्सरसाइज़ करना बहुत ज़रूरी है। यह फेफड़ों की क्षमता बढ़ाता है। स्वस्थ फेफड़ों के लिए नाड़ी शोधन प्राणायाम, उज्जायी प्राणायाम, कपालभाति, अनुलोम-विलोम प्राणायाम किया जा सकता है।

स्वस्थ फेफड़ों के लिए ज़रूरी है सही आहार

  • अपनी डाइट में रोल्ड ओट्स, बाजरा, ज्वार, रागी जैसे साबुत अनाज को शामिल करें, क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होती है। इसके साथ ही प्रोटीन की ज़रूरत पूरी करने के लिए दही, दूध, पनीर, दाल, सोयाबीन आदि का सेवन करें। फेफड़ों को संक्रमण से बचाने के लिए एंटीऑक्सिडेंट और विटामिन सी भी ज़रूरी है, इसलिए संतरा, कीवी, स्ट्रॉबेरी, आंवला जैसे फल खाएं।
  • हेल्दी फैट भी ज़रूरी होता है, इसके लिए बादाम, अखरोड, कद्दूके बीज, फ्लैक्ससीड, पिस्ता आदि को डायट में शामिल करें। ये सारी चीज़ें फेफड़ों को स्वस्थ रखनी हैं।
  • शरीर को हाइड्रेट रखना भी ज़रूरी है, इसलिए दिनभर खूब पानी और जूस पिएं।
  • कार्बोहाइड्रेट और ट्रांसफैट से भरपूर फूड जैसे बिस्किट, टोस्ट, केक, ब्रेड, पेस्ट्री जैसी चीज़ों से परहेज़ करें।
  • भोजन के तुरंत बाद सोना भी नहीं चाहिए।

फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनानी बहुत ज़रूरी है।

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