जानवरों की मदद के लिये 6 साल के बच्चे ने बनाएं मिट्टी के कोआला

ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग से जानवरों की मदद कर रहा है एक बच्चा
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ऑस्ट्रेलिया के जंगलों में लगी आग ने न सिर्फ ऑस्ट्रेलिया को बल्कि पूरी दुनिया को हिला दिया। इस आग से जंगली जानवरों की कई प्रजातियां तक खत्म होने की कगार पर है। इस आग ने कई लोगों के दिमाग पर अपना ऐसा असर छोड़ा है, जिसे जीवनभर भुलाया मुश्किल है। कुछ ऐसा ही हुआ है  6 साल के ओवेन के साथ, उस पर इस आग का इतना असर हुआ है कि उसने जंगल में रह रहे जानवरों की मदद करने का फैसला किया।

जानवरों के प्रति प्यार   

ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली केटलिन कोली ने जब अपने बेटे ओवेन को जंगल में लगी आग के बारे में बताया, तो वह परेशान हो गया।  खासकर जब उसे यह पता चला कि कई जानवर को बहुत चोट लगी है, तो वह उन्हें लेकर बहुत दुखी हुआ। वह इतना चिंता में था कि उसने बारिश में कोआला, कंगारू और डिंगो की चित्रकारी की। इस चित्रकारी से उसने ज़ाहिर किया कि जंगलों में बारिश हो, ताकि आग बुझ सके।    

आग का सबसे बुरा प्रभाव कोआला जानवरों की एक प्रजाति पर पड़ा है। न्यू साउथ वेल्स के मध्य-उत्तरी इलाके में सबसे अधिक कोआला रहते हैं। जंगलों में लगी आग की वजह से उनकी आबादी में कमी हुई है।

https://www.instagram.com/p/B7dhqo9pcYR/?igshid=l6eb6r042zuu

ऐसा पहली बार था, जब ओवेन अपनी चीज़ों को लोगों के साथ शेयर करना चाहता है ताकि वह जंगल और जानवरों की मदद कर सके। उसने अपनी मां के साथ मिट्टी (क्ले) के कुछ कोआला  बनायें और उसे दोस्तों और परिवार के लोगों को डोनेट करने की सोची।   

मिट्टी के बनाये कोआला

ओवेन ने मिट्टी से छोटी कोआला बनाई, जिसे उनकी मां केटलिन ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया। अगर किसी ने इस मदद के लिये 50 $ का डोनेशन दिया, तो वह अपने हाथ से बने मिट्टी के कोआला को उसे देगा। इस डोनेशन को न्यू साउथ वेल्स में वेनमो के माध्यम से जमा किया गया।

केटलिन कोली ने 1,000 $ के लक्ष्य के साथ इस पहल को शुरू किया और ये इतनी तेज़ी से आगे बढ़ा कि उन्होंने गोफंडमी (GoFundMe) कैम्पन खोल दिया। एक हफ्ते मे ही उन्होंने 20,000 $ जुटा लिए।

https://www.instagram.com/p/B7b-yymFq3d/?igshid=1gaju1dgozg96

बच्चे का योगदान

ओवेन अपने नन्हें-मुन्ने हाथों से 3 से 4 मिनट में मिट्टी के कोआला बना लेता है। उसका मानना है कि जितने कम समय में वह मिट्टी के कोआला बनायेगा, उतना ही वह जानवरों की मदद कर पाएंगा।

एक बच्चे ने पर्यावरण और जानवरों के प्रति इतनी दयाभाव दिखाया कि वह लोगों के लिए प्रेरणा बन गया। अगर इसी तरह सभी पर्यावरण व जानवरों के लिए सोचे तो ऐसी दुर्घटनाओं से बचा  जा सकता है।

और भी पढ़िये : क्या पानी की भी एक्सपायरी डेट होती है?

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