फरवरी में कब और कहां जाना चाहिए, जानिए पूरी डिटेल

फरवरी में कुछ नया करना चाह रहें, तो यह लेख खास आपके लिए हैं।
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फरवरी सिर्फ प्यार का मौसम ही नहीं होता, बल्कि इस महीने में पूरे देश में कला और संस्कृति की अनोखी झलक देखने को मिलती है। तो इस बार फरवरी में घर में बैठे मत रहिए, बल्कि अपने देश को एक्सप्लोर करिए और देखिए इसके अनोखे रंग।

काला घोड़ा आर्ट फेस्टिवल, मुंबई

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कभी न सोने वाली मायनगरी मुंबई में वैसे तो बहुत कुछ है जो आप कर सकते हैं, लेकिन अपनी विविधताओं और मार्डन सिटी के बीच मुंबई ने अपनी संस्कृति को भी सहेज कर रखा है और इसकी झलक दिखती है काला घोड़ा आर्ट फेस्टविल में। 10 दिनों तक चलने वाले इस फेस्टिवल में आर्ट, डांस, म्यूज़िक, साहित्य और कुकिंग समेत आपको ढेरों चीज़ें मिल जाएंगी, जिसका आनंद लेने के लिए एक दिन कम पड़ जाएगा।

नोट- यहां खास लेक्चर और वर्कशॉप भी आयोजित की जाती है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए उनकी वेबसाइट देखें।

कब जाएं- 2 से 9 फरवरी

इंटरनेशनल बुक फेयर, कोलकाता

बहुत खास है फरवरी का महिना | इमेज : फाइल इमेज

देश की सांस्कृतिक राजधानी कोलकाता में होने वाला इंटरनेशनल बुक फेयर साहित्य प्रेमियों के लिए बेस्ट जगह है। किंडल पर कहानी पढ़ने की बजाय जिन लोगों की किताब के पन्नों की खुशबू आकर्षित करती है, उन्हें इस बुक फेयर में जरूर जाना चाहिए। ढेर सारी किताबों के साथ ही यहां आप अपने पंसदीदा गीतकार, गायक और कवि को परफॉर्म करते हुए भी देख सकते हैं।

कब जाएं- 29 जनवरी से 9 फरवरी

गोवा कार्निवल, गोवा

बहुत खास है फरवरी का महिना | इमेज : फाइल इमेज

गोवा का नाम सुनते ही अगर आपका भी पार्टी का मूड बन जाता है, तो गोवा कार्निवल को मिस न करें। इस दौरान गोवा की सड़कें रौशनी से जगमगा जाती हैं। मौजमस्ती, डांस, म्यूज़िक, खेलकूद और खाने-पीने के शौकीन लोगों को इस कार्निवल में ज़रूर शरीक होना चाहिए। डांस और म्यूज़िक का जूलूस पंजिम, मारगोवा, वास्को द-गामा में मुख्य रूप से होता है। इसमें आपको गोवा की पुरानी संस्कृति की झलक दिखेगी।

कब जाएं- 22 से 25 फरवरी

लोसर फेस्टिवल, लेह-लद्दाख

बहुत खास है फरवरी का महिना | इमेज : फाइल इमेज

तिब्बत कम्युनिटी के लिए लोसर फेस्टिवल की खास अहमियत है। बौद्ध कैलेंडर के हिसाब से इसे नए साल की शुरूआत माना जाता है, इसलिए सिक्किम, लद्दाख, तिब्बत, अरुणाचल प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में यह बहुत उत्साह से किया जाता है। इस दौरान आप यहां के लोक नृत्य का आनंद ले सकते हैं।

कब जाएं- 24 से 26 फरवरी

जैसलमेर का डेज़र्ट फेस्टिवल, जैसलमेर

बहुत खास है फरवरी का महिना | इमेज : फाइल इमेज

रंग-बिरंगे राजस्थान के कई रंग आपको डेज़र्ट फेस्टिवल में दिखेंगे। राजस्थान की कला, संस्कृति को जानने का यह बेहतरीन जरिया है। तीन दिनों तक चलने वाला यह फेस्टिवल थार डेज़र्ट में मनाया जाता है जिसे गोल्डन सैंड के नाम से जाना जाता है। रंग-बिरंगे कपड़ों में कलाकारों की लोक संगीत और नृत्य की प्रस्तुति आपको शाही राजपूताना समय की याद दिलाएगा।

कब जाएं- 7 से 9 फरवरी

खजुराहो डांस फेस्टिवल, खजुराहो

बहुत खास है फरवरी का महिना | इमेज : फाइल इमेज

मध्यप्रदेश का छोटा सा शहर खजुराहो अपनी बेहतरीन आर्किटेक्ट के लिए मशहूर है। खजुराहो मंदिर पूरी दुनिया में मशहूर है। इस शहर में हर साल फरवरी में डांस फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है, जहां पूरे देश के कलाकाकर हिंदू पौराणिक कथाओं जैसे कृष्ण रास लीला पर परफॉर्म करते हैं। यहां आप भारत के कुछ बेस्ट डांस फॉर्म कथक, ओडिशी, भारतनाट्यम, मणिपुरी और कुचिपुड़ी का भी लुत्फ उठा सकते हैं।

कब जाएं- 25 फरवरी से 3 मार्च

सुरजकुंड इंटरनेशनल क्राफ्ट्स मेला, फरीदाबाद

बहुत खास है फरवरी का महिना | इमेज : फाइल इमेज

इस फेस्टिवल में स्थानीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प (क्राफ्ट) और स्थानीय संस्कृति की झलक दिखती है। देश ही नहीं, पूरी दुनिया से लोग इस मेले को देखने आते हैं। यह दुनिया के सबसे बड़े क्राफ्ट एग्ज़िबिशन में से एक है, जहां विविध हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट और आर्ट थिएटर की परफॉर्मेंस देखने को मिलता है। इसके साथ ही आप स्वादिष्ट खाने के भी लुत्फ उठा सकते हैं।

कब जाएं- 1 से 17 फरवरी

ताज महोत्सव, आगरा

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10 दिनों तक चलने वाले ताज महोत्सव को देखने के लिए दुनियाभर से लोग आते हैं। यहां भारत की समृद्ध कला, संस्कृति, हस्तशिल्प, संगीत, व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं। ताज महल की खूबसूरती के बीच इस फेस्टिव का मज़ा दोगुना हो जाता है।

कब जाएं- 18 से 27 फरवरी

महिंद्रा ब्लू फेस्टिवल, मुंबई

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यह कहना गलत नहीं होगा कि महिंद्रा ब्लूस पूरी दुनिया के संगीत प्रेमियों और कलाकारों के लिए मक्का है। पहली बार 2011 में इसका आयोजन हुआ था और तब से आज तक इसकी लोकप्रियता में इजाफा ही हुआ है।

कब जाएं- 9 से 11 फरवरी

थायपोया महोत्सव, पय्यानूर

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एक यह धार्मिक फेस्टिवल है, जो केरल के श्री सुब्रह्मणयम स्वामी मंदिर में भगवान मुरुगन के लिए मनाया जाता है। यह पूरी दुनिया में अपने रीति-रिवाज़, कला के विविध स्वरूप और रंग-बिरंगे सेलिब्रेशन के लिए मशहूर है। मंदिर के आसपास लोगों की भारी भीड़ जुटती है, जो पूरे जोश में डांस करते हैं।

तो सोच क्या रहे हैं वैलेंटाइन डे तो हर साल मनाते हैं, इस बार कोई नया ट्राई करिए और बैक पैक करके निकल जाइये किसी फेस्टिवल के रंग में रंगने के लिए।

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