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असफलताओं से क्यों लगता है डर?

असफलताओं से क्यों लगता है डर?

  • इस डर से बचने के कई उपाय है, जो आपकी मदद कर सकते हैं

जब व्यक्ति किसी काम की शुरूआत करता है, तो अक्सर उसे यह डर महसूस होता है कि इस काम में सफलता मिलेगी या नहीं। कई बार असफलता का डर इतना बढ़ जाता है कि कोशिश करना ही छोड़ देता हैं। इस डर की वजह से व्यक्ति उस काम को करने से बचने की कोशिश करता है और फिर सफल होने की संभावना को भी खत्म कर देता है।

क्यों डरते हैं लोग?

व्यक्ति हमेशा असफलताओं को नकारात्मक ढंग से परिभाषित करता है। वह ऐसा समझता है कि विफल लोगों को समाज में स्वीकार नहीं किया जाता और उन्हें ताने मारे जाते हैं। यह एहसास दिलाता है की वह काबिल नहीं है, इसलिए असफलताएं इंसान को हमेशा परेशान और बेचैन करती है। जब व्यक्ति को पाने से ज़्यादा खोने का डर होने लगता है, तो उसे असफल होने का डर सताने लगता है।

असफल होने के कारण

आमतौर पर यह माना जाता है कि अनुभव न होने या संसाधनों की कमी के कारण असफलताएं मिलती है। बहुत से लोगों में किसी भी काम को पूरे परफेक्शन के साथ करने का जुनून इतना हावी होता है कि अगर वह काम को ठीक तरीके से न कर पाएं, तो उसे असफलता महसूस होती है। कई बार व्यक्ति को अपनी क्षमताओं पर भरोसा नहीं होता और दिमाग नकारात्मक सोचने लगता है। किसी भी काम को करने में घबराना नहीं चाहिए, चाहे कितनी भी गलतियां क्यों न हो। उस गलती से सीख लेकर सुधारने की कोशिश करें तभी सफलता मिलेगी।  

डर को खुद पर हावी न होने दें | इमेज : फाइल इमेज

उपाय  

असफलता का डर दूर करने के लिए इन उपायों की मदद लें और जीवन में कुछ नया करने की कोशिश करें।

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आपने लक्ष्य को पहचाने

अपने लक्ष्य को समझें और उस काम को शुरू करने से पहले ही उसके लिए संसाधन और ज़रूरी जानकारियां इकट्ठा कर लें। काम के परिणाम के बारे में बिल्कुल न सोचे और ना ही घबराएं। ऐसा करने से असफलता का डर छोटा पड़ जाएगा और आप बेहतर तरीके से अपने काम पर ध्यान दे पाएंगे।

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अपने डर को स्वीकार करें।

असफलता के डर को दूर करने के लिए आपका पहला कदम अपनी असफलता को स्वीकार करना है। जब आप अपनी विफलता को स्वीकार कर लेते हैं, तो आपको अपनी विफलता से काफी कुछ सीखने को भी मिलता है और इसका डर भी आपके मन से चला जाता है। इसलिए जब भी आप कुछ नया करने की कोशिश करते हैं, तो उसमें होने वाली विफलता के बारे में न सोचें।

पॉज़िटिव सोच रखें

आप ऐसा न सोचें कि डरना कोई बुरी बात है या कमज़ोरी है। हर व्यक्ति को किसी न किसी चीज़ से डर लगता है और यह सामान्य बात है। इसको लेकर अपनों से खुलकर बात करें और मदद मांगें। डर सबको लगता है, लेकिन डर को पार करना ही सच्ची ताकत है। असफलता का डर भगाने के लिए पॉज़िटिव सोच बहुत ज़रूरी है। पॉज़िटिव सोच डर को काबू करने और सफलता प्राप्त करने में मदद करेगी और आप बेहतर कोशिश कर पाएंगे और खुश रह पाएंगे।

कसरत और योग को अपनाएं

अपने लाइफस्टाइल में योग, कसरत और सांस से जुड़ी कसरत की मदद से मानसिक समस्याओं से राहत पा सकते हैं। योग और कसरत करने से शरीर में रक्त का अच्छा संचार होता है, जिससे दिमाग की कोशिकाओं को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है और आपका मूड खुशनुमा रहता है।

अगर व्यक्ति का संकल्प मज़बूत हो और खुद पर विश्वास हो, तो असफलता उसे पछाड़ नहीं सकती।

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