हम किसी से कम नहीं

FacebookTwitterLinkedInCopy Link

इतिहास गवाह है कि भारत में वीरांगनाओं ने समय-समय पर जन्म लिया है। भारत की किसी बेटी ने मातृभूमि की आज़ादी के लिये लड़ते हुए जान दी, तो किसी बेटी ने अपने कामों से देश का नाम ऊंचा किया। समय-समय पर भारत की बेटियां बेटों के साथ कंधे से कंधा मिला कर खड़ी होती नज़र आईं। लेकिन आज बात कुछ और है, आज ये लड़कियां लड़कों से एक कदम आगे बढ़ गई हैं, जिसका प्रमाण खेल मंत्रालय की वो चिठ्ठी है, जिसमें पद्म पुरस्कार के लिए भेजे जाने वाले नौ खिलाड़ियों के नाम हैं। इस नॉमिनेशन लिस्ट की खास बात यह है कि इसमें सभी नौ नाम महिला खिलाड़ियों के हैं, जिन्होंने अपने-अपने क्षेत्र में देश का नाम रोशन किया है, और ऐसा इतिहास में पहली बार हो रहा है।

आइये नज़र जानते हैं, उन बेटियों के बारे में, जिन्होंने ये पैगाम दिया कि ‘हम किसी से कम नहीं’।

एमसी मैरीकॉम को पद्म विभूषण के लिए नांमाकित किया गया –

 मैरीकॉम बॉक्सिंग में छः बार वर्ल्ड चैंपियन रह चुकी हैं। भारत का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान पाने वाली वह पहली महिला हैं।

हम किसी से कम नहीं
देश की बेटी | इमेज : टाइम्स ऑफ इंडिया
पीवी सिंधू को पद्म भूषण

उन्हें साल 2017 में भी इस पुरस्कार के लिए नामांकित किया जा चुका है। सिंधू मौजूदा बैडमिंटन विश्व चैंपियन हैं और उन्होंने जापान की नोज़ोमी ओखोउरा को शानदार तरीके से हरा कर विश्व चैंपियनशिप जीता।

विनेश फोगात को पद्म श्री

फोगात भारत की पहली महिला रेस्लर हैं, जिसने कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स दोनो में गोल्ड मेडल जीता। साथ ही वह भारत की पहली एथलीट हैं, जिसे ‘लॉरस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवॉर्ड’ के लिए नामांकित किया गया।

हम किसी से कम नहीं
देश की बेटी | इमेज : टाइम्स ऑफ इंडिया
मनिका बत्रा को पद्म श्री

वर्ल्डटेबल टेनिस में मनिका की 47वीं रैंक है। मनिका ने टीम में भागेदारी से चार बार के गोल्ड मेडलिस्ट और डिफेंडिंग चैंपियन सिंगापुर को 2018 में हुये कॉमनवेल्थ गेम्स में हरा कर भारत के लिए ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता।

हरमनप्रीत कौर को पद्म श्री

वुमेन क्रिकेट टी20 की कप्तान हरमनप्रीत कॉर इंटरनेशनल टी20 में शतक जड़ने वाली पहली खिलाड़ी हैं। साल 2017 में उन्हें अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था।

हम किसी से कम नहीं
देश की बेटी | इमेज : टाइम्स ऑफ इंडिया
रानी रामपाल को पद्म श्री

वह इस समय महिला हॉकी टीम की कप्तान हैं, और वह 15 साल की उम्र में नेशनल टीम के साथ 2010 में वर्ल्डकप खेलने वाली पहली महिला हैं। साल 2018 के जकार्ता में हुए एशियन गेम्स में उनकी टीम ने शानदार प्रदर्शन दिखाते हुए सिल्वर मेडल जीता था।

हम किसी से कम नहीं
देश की बेटी | इमेज : टाइम्स ऑफ इंडिया
सुमा शिरूर को पद्म श्री

इस पूर्व इंडियन शूटर ने साल 2002 में मैंचेस्टर के कॉमनवेल्थ गेम्स में 10मी एयर रिफल ईवेंट में गोल्ड जीता था। खेल में उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए मंत्रालय ने पद्म श्री के लिए उनका नाम सुझाया है।

ताशी व नंग्शी मलिक को पद्म श्री

ये जुड़वा बहनें हैं, जिन्होंने सातों शिखरों पर चढ़ाई की है। नॉर्थ और साउथ पोल पर गई हैं, एडवेंचर ग्रैंड स्लैम और थ्री पोल्स चैलेंज को पूरा किया है। यह अपनी तरह की पहली जोड़ी है, साथ ही माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली महिला जुड़वा हैं और पद्म श्री जीतने के लिये उत्सुक हैं।

और भी पढ़िये: सेहत के लिये फायदेमंद है उपवास

अब आप हमारे साथ फेसबुक, इंस्टाग्राम और ट्विटर पर भी जुड़िये।

Your best version of YOU is just a click away.

Download now!

Scan and download the app

Get To Know Our Masters

Let industry experts and world-renowned masters guide you towards a meditation and yoga practice that will change your life.

Begin your Journey with ThinkRight.Me

  • Learn From Masters

  • Sound Library

  • Journal

  • Courses

Congratulations!
You are one step closer to a happy workplace.
We will be in touch shortly.