विज्ञान के अनुसार कितनी लंबी होनी चाहिए दोपहर की झपकी

FacebookTwitterLinkedInCopy Link

क्या आप जानते हैं कि आपके लिए दोपहर को लिया गया नैप कितना फायदेमंद साबित हो सकता है। आम भाषा में कहें तो नैप यानि झपकी। यह आपको कुछ देर में ही रिलैक्स कर देती है और यदि आपकी किसी भी कारण से रात की नींद पूरी न हो सकी हो, तो आप दोपहर को कुछ मिनटों के लिए सुस्ता कर एक बार फिर से फुर्तीले हो सकते हैं। दोपहर के समय सोना भारतीयों की पुरानी आदत है, लेकिन समय के साथ आए परिवर्तन और काम-काज के चलते लोगों के पास दोपहर को सोने का समय नहीं बचता। अगर आप थकान महसूस कर रहे हैं और दोपहर को थोड़ी देर सोना चाहते हैं, तो अपने लिए कम से कम 15 मिनट या फिर डेढ़ घंटा निकालें, क्योंकि नींद की अपनी साइकिल होती है, जिसका पालन न करने पर आपको फायदे से ज़्यादा नुक्सान हो सकते हैं।

सबसे पहले ये जान लेते हैं कि आपके लिए नैप लेना कब ज़रूरी होगा।

  • अचानक से थकान महसूस होना।
  • एकदम से नींद आना।
  • आगे आने वाले समय में नींद पूरी न हो पाने की आशंका हो।
  • दोपहर मे झपकी लेना आप अपने दिनचर्या में शामिल करना चाहते हों।
  • आपके पास दोपहर में समय होता है, और आपको झपकी लेना अच्छा लगता है।
  • आपके अंदर फोकस या प्रेरणा की कमी हो।

विज्ञान के अनुसार आपकी दोपहर की झपकी का समय

यह बात तो साफ है कि आपको कितना सोना चाहिए, यह आपकी थकान पर आधारित है। लेकिन यह जानना बेहद ज़रूरी है कि आपका पावर नैप 15 से 30 मिनट का होगा, तो आप एकदम फ्रेश उठेंगे। 30 से 60 मिनट के बीच उठने से आपको सुस्ती और उदासीपन महसूस हो सकता है, क्योंकि आप स्लीप साइकिल में जा चुके होते हैं। एक स्लीप साइकिल 90 मिनट की होती है। इसमें आप हल्की नींद, गहरी नींद और आरईएम नींद के पूरे चक्र से गुज़रते हैं। नब्बे मिनट की नींद लेने से आप अच्छा महसूस करते हैं। जब आप जागते हैं, तो बेहतर स्मृति और रचनात्मकता का अनुभव करेंगे, और बेहतर मूड में रहेंगे।

दोपहर को सोने के कुछ टिप्स

  1. दोपहर की झपकी को छोटा ही रखें।
  2. दोपहर के पहले भाग में सो जाएं, देर से सोने पर रात को ठीक से नहीं सो पाएंगे।
  3. शांत वातावरण में सोएं।
  4. खुद को उठने के बाद समय दें।

दोपहर में सोने के फायदे

अगर आप सही ढंग से दोपहर को सोएंगे, तो आप पूर्ण तरह से बेहतर महसूस करेंगे। आपकी प्रॉडक्टिविटी बेहतर होगी और आप किसी भी बाधा से निपटने के लिए तैयार रहेंगे। दोपहर को सोने से आपको आराम मिलेगा और तनाव कम होगा। शोध भी बताते हैं कि दोपहर को नैप लेने से आपकी याददाश्त तेज़ रहती है साथ ही आपको बेहतर आइडिया आते हैं। शोध यह भी बताते हैं कि दोपहर को 30 मिनट सोने से आपकी थकान कम हो जाती है साथ ही रिएक्शन टाइम भी कम हो जाता है।

अब जब भी आप दोपहर में नैप लेने का सोचें, तो ऊपर बताई गई बातों का ध्यान रखें और खुद को दें एक नैप या पावर नैप का तोहफा।

और भी पढ़िये : सर्दियों में इम्यूनिटी बढ़ाने में मददगार है च्यवनप्राश, घर पर बनाने की आसान विधि

अब आप हमारे साथ फेसबुक, इंस्टाग्राम और  टेलीग्राम  पर भी जुड़िये।

Your best version of YOU is just a click away.

Download now!

Scan and download the app

Get To Know Our Masters

Let industry experts and world-renowned masters guide you towards a meditation and yoga practice that will change your life.

Begin your Journey with ThinkRight.Me

  • Learn From Masters

  • Sound Library

  • Journal

  • Courses

Congratulations!
You are one step closer to a happy workplace.
We will be in touch shortly.