आखिर क्यों रसोई में होने चाहिए ये 7 सात्विक आहार?

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सात्विक, मतलब शुद्ध यानीकि ऐसा आहार जो आपके शरीर और मन को स्वस्थ और शांत रखता है। चलिए हम आपको बताते हैं कि आपको अपने किचन में कौन-कौन से सात्विक खाद्य पदार्थों को रखना चाहिए और क्यों?

आयुर्वेद के अनुसार, चूंकि सात्विक आहार पूरी तरह से शुद्ध और सादा होता है इसलिए यह आपके पाचन को दुरुस्त रखकर आपके संपूर्ण स्वास्थ्य को ठीक रखता है। यह न सिर्फ शारीरिक मज़बूती देता है, बल्कि मन और शरीर के बीच स्वस्थ संतुलन बनाता है, लंबी उम्र और आध्यात्मिक जागरुकता भी लाता है। साथ ही आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है। इन सभी लाभों को पाने के लिए आपको अपने किचन में ये सात्विक खाद्य पदार्थ ज़रूर रखने चाहिए।

मौसमी सब्ज़ियां

पोषक तत्वों से है भरपूर | इमेज : फाइल इमेज

सात्विक आहार शरीर और मन को ऊर्जावान रखने के लिए हमेशा शुद्ध और स्वच्छ आहार पर ज़ोर देता है। इसलिए हमेशा मौसम के हिसाब से मिलने वाली सब्ज़ियां ही खाएं, जो ऑर्गेनिक तरीक से उगाई जाती हैं और जिसमें केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया जाता।

क्यों- कुदरती तरीके से उगाई गई सब्ज़ियां सेहत के लिए अच्छी होती हैं और चूंकि इसमें किसी तरह की केमिकल वाली खाद का इस्तेमाल नहीं किया जाता इसलिए पोषक तत्वों से भरपूर होती है।

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ऑर्गेनिक शहद

खाने में कुछ मीठा शामिल करना चाहते हैं तो चीनी का सबसे अच्छा और स्वस्थ विकल्प शहद है और सात्विक आहार में इसका खास महत्व होता है। आप हर्बल चाय, ठंडे पेय, मीठे व्यंजन आदि में मिठास के लिए शहद का इस्तेमाल कर सकते हैं।

क्यों- शहद सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है यह आपके पेट को भी दुरुस्त रखता है और पोषक तत्वों से भरपूर होता है।

नट्स और बीज

शाम के नाश्ते के लिए है अच्छा | इमेज : फाइल इमेज

शाम को भूख लगने पर नट्स और भुने हुए बीज का सेवन कर सकते हैं, यह एंटीऑक्सीडेंट और ओमेगा 3 व 6 फैटी एसिड से भरपूर होता है। आप काजू, बादाम, अखरोट, पिस्ता और कद्दू के बीज को शाम के नाश्ते में खा सकते हैं।

क्यों- यह स्वादिष्ट होने के साथ ही विटामिन्स, मिनरल्स और प्रोटीन से भरपूर होते हैं और आपकी छोटी-मोटी भूख मिटाने के लिए बहुत अच्छा विकल्प हैं।

दालें

पौधों पर आधारित प्रोटीन का यह यह बेहतरीन स्रोत हैं। आप अलग-अलग तरह की दाल और बीन्स जैसे राजमां आदि का सेवन करें। प्रोटीन के साथ ही इसमें कॉम्पलेक्स कार्बोहाइड्रेट्स भी होता है

क्यों- अधिकतर दालों में अघुलनशील फाइबर होता है तो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के सात ही ब्लड शुगर लेवल को भी नियंत्रित रखने में मदद करता है।

ताज़े फल

मौसमी फलों में होती है कुदरती मिठास | इमेज : फाइल इमेज

मीठा खाने की इच्छा हो रही हो तो ताज़े और मौसमी फलों का सेवन करें। इसमें कुदरती मिठास होती है, जो आपको ऊर्जावन बनाता है। अपने भोजन में अलग-अलग तरह के फलों को शामिल करें जैसे- सेब, संतरा, पेर, केला, तरबूज, खरबूज, पपीता, बेरी आदि।

क्यों- वैसे तो सभी फल सेहत के लिए अच्छे होते हैं, लेकिन खट्टे फलों का सेवन खासतौर पर करें क्योंकि इनमें मौजूद विटामिन सी की भरपूर मात्रा ऊर्जा और मेटाबॉलिज़्म बढ़ाने के साथ ही शरीर में जमा फैट को कम करने में मददगार है।

अंकुरित साबुत अनाज

सात्विक परंपरा के मुताबिक, अनाज हर भोजन का ज़रूर हिस्सा है। आज अंकुरित चावल, ओटमील, जौ आदि को भोजन में शामिल कर सकते हैं। इसके अलावा भी बहुत तरह के अनाज है जिन्हें आप अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं।

क्यों- अंकुरित अनाज शरीर को अधिक पोषण देते हैं और यह अच्छे स्वास्थ्य का प्रतीक माना जाता है।

घी

आयुर्वेद में घी को सात्विक आहार का अहम हिस्सा माना गया है। क्योंकि यह गाय के दूध से निकाला जाता है इसलिए इसे सौ फीसदी शुद्ध माना जाता है।

क्यों- तेल के मुकाबले घी सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। यह शरीर को शक्ति प्रदान करता है।

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