खुशी की तलाश

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हर इंसान के लिए खुशी के मायने अलग अलग हो सकते है। बच्चों के लिए चॉकलेट तो स्टूडेंट्स के लिए अच्छे नंबर आना किसी खुशी से कम नहीं होता है। इसी तरह बड़ों के लिए नौकरी में सफलता मिलना या दोस्तों के साथ घूमना खुशी हो सकती हैं। वैसे भी खुशी की परिभाषा भी परिस्थितियों के साथ बदलती रहती है।

क्या कहती है रिसर्च ? 

तनाव के बढ़ते बोझ और इससे जुड़ी बीमारियों के चलते अब वैज्ञानिक भी खुशी पर रिसर्च करने लगे हैं। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी ने लोगों को एक खुशहाल जीवन जीने में मदद करने पर एक रिसर्च की। इसमें 724 पुरूषों को लिया गया और उनके टीनएज से लेकर सर्वे के दिन तक की स्टडी की गई। इसके अलावा उनकी ज़िंदगी से जुड़े कई तरह के सवाल, दिमाग का स्कैन, दोस्तों और परिवार से जुड़े सवाल थे।

इस रिसर्च में कुछ दिलचस्प तथ्यों का खुलासा हुआ। इसमें कहा गया कि इंसान की सभी तरह की भावनाओं में से सबसे बेसिक भावना खुशी है।  इसके साथ यह भी कहा गया है कि खुशी को परिभाषित करना भी मुश्किल है। यूनिवर्सिटी ने कई ऐसे फैक्टर बताए है जिसे अपनाकर आप खुश रह सकते हैं –

खुशहाल बचपन जरूरी

बच्चे के रिश्ते जैसे अपने माता पिता के साथ होते है, वैसे ही संबंध उसके यंग होने पर दूसरों के साथ बनते हैं। जिन बच्चों के माता पिता के अलावा अपने भाई बहन के साथ बहुत अच्छे संबंध होते है, उनके जीवन में निराशा की संभावना बहुत कम हो जाती है। रिसर्च में यह भी कहा गया है कि बचपन में अपनापन मिले, तो बच्चे का अच्छा शारीरिक विकास होता है।

इसलिए यह ज़रूरी हैं कि बच्चों पर ध्यान दें और उनके साथ क्वालिटी टाइम बिताये।

तलाशें अपने अंदर खुशियां| इमेज: फाइल इमेज

स्ट्रैस के बारे में सोचकर ज्यादा तनाव न लें

आपको अपने जीवन में कभी न कभी स्ट्रैस रहता ही है। कभी ऑफिस का तनाव, तो कभी परिवार में किसी के बीमार होने पर स्ट्रैस होना। ऐसी स्थितियों में लोग इतना परेशान हो जाते हैं कि खुद को दुनिया से अलग कर लेते हैं। फिर वह अपने अंदर ही अंदर घुटते रहते है पर कई लोग ऐसे भी मिल जायेंगे, जो समस्या को सुलझाने की पूरी कोशिश करते हैं। रिसर्च भी यही कहती हैं कि बातों को अनदेखा करने के बजाए उनमें शामिल होने से जीवन में आनंद पाना आसान हो सकता है।

बुरी आदतों को करें बॉय

स्मोकिंग, शराब या अनुशासनहीनता जैसी बुरी आदतों से न सिर्फ शरीर पर असर पड़ता है बल्कि दिमाग भी प्रभावित होता है। जो लोग बुरी आदतों के चक्र से निकल जाते हैं, वे लोग ज्यादा खुश और सेहतमंद जीवन बिताते हैं।

इन फैक्टर्स के अलावा आपका परिवार के साथ आनंद भरा समय बिताना भी खुशहाल जीवन के लिये भी उतना ही महत्वपूर्ण है।

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