नींद पूरी होना क्यों ज़रूरी है, जानिए 7 कारण

पर्याप्त नींद लेना आपकी सेहत और सुरक्षा, दोनों के लिए है ज़रूरी
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आमतौर पर अच्छी सेहत के लिए लोग अपने खान-पान और व्यायाम पर तो ध्यान रखते हैं, लेकिन पर्याप्त मात्रा में नींद लेने को तवज्जो नहीं देते। हालांकि, कितनी नींद पर्याप्त है, इसका पैमाना हर व्यक्ति के लिए अलग है, लेकिन आमतौर पर किसी भी व्यक्ति के लिए 7 से 9 घंटे की नींद लेना बेहद ज़रूरी है। आपको अच्छी सेहत के लिए हर दिन अपनी नींद पर ध्यान देना चाहिए।

चलिए आपको बताते हैं ऐसे सात कारण, जिस लिए पर्याप्त नींद लेना ज़रूरी है।

अपने वज़न को काबू में रख सकते हैं

जो लोग 7 घंटे से कम सोते हैं, उनको 41% मोटापा बढ़ने का, और बॉडी मास्क इंडेक्स (बीएमआई) बढ़ने की संभावना होती है। ऐसा इसलिए हो सकता है, क्योंकि जब आप कम सोते हैं, तो आपके अंदर घ्रेलिन हार्मोन (जिससे भूख महसूस होती है) का लेवल बढ़ जाता है और लेप्टिन (जिससे पेट भरा होना महसूस होता है) का लेवल कम हो जाता है। ऐसे में आप ज़्यादा कैलोरी वाली चीज़ें खाते हैं और थकान के कारन जिम जाने, वॉक करने या दूसरे किस्म के व्यायाम करने करने से बचते हैं।

एकाग्रता और उत्पादकता में सुधार कर सकते हैं

आपकेदिमाग के कई फंग्शन्स के लिए नींद महत्वपूर्ण होती है। नींद की कमी से अनुभूति, एकाग्रता, उत्पादकता और प्रदर्शन सभी नकारात्मक रूप से प्रभावित होते हैं। अगर बच्चे अपनी पूरी नींद सोएं, तो उनका प्रदर्शन बेहतर हो सकता है। साथ ही यह याददाश्त बेहतर करने और प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स को बेहतर करने में मददगार है।

आपका दिल मज़बूत हो सकता है

कई शोध बताते हैं कि प्रति दिन सात घंटों से कम सोने से दिल की बीमारी से 13% मृत्यु दर बढ़ जाता है। साथ ही कम सोने से हाई ब्लड प्रेशर और ऑब्सट्रक्टिव स्लीप ऐपनिया (सोते समय रुक-रुक कर सांस आना) का खतरा बढ़ जाता है।

टाइप-2 डायबिटीज़ का खतरा बढ़ जाता है

दस लाख से अधिक पार्टिसिपेंट्स के साथ किए गए 36 अध्ययनों में पाया गया कि 5 घंटे से कम और 6 घंटे से कम की नींद लेने से टाइप 2 मधुमेह होने का खतरा 48% और 18% बढ़ गया। कम सोने से आपके शरीर में इंसुलिन की सेंसिटिविटी कम होने के साथ, अंगों में सूजन, भूख लगने वाले हार्मोन्स में बदलाव और खराब निर्णय लेने जैसे बदलाव आते हैं, जो टाइप-2 के रिस्क को बढ़ा देते हैं।

पूरी नींद लेने से डिप्रेशन से बच सकते हैं आप

मानसिक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां जैसे डिप्रेशन, नींद की खराब क्वालिटी और दूसरे स्लीपिंग डिस्ऑर्डर्स से जुड़ी हुई है। 2,672 प्रतिभागियों के एक अध्ययन में पाया गया कि चिंता और डिप्रेशन से ग्रस्त लोगों में औरों के मुकाबले खराब नींद का स्कोर अधिक था।

अच्छी नींद से स्वस्थ प्रतिरक्षा प्रणाली बेहतर होती है

नींदकी कमी से आपका इम्यून सिस्टम खराब होता है।एक अध्ययन में पाया गया कि प्रति रात 5 घंटे से कम सोने वाले पार्टिसिपेंट्स में 7 घंटे से अधिक सोने वालों की तुलना में सर्दी विकसित होने की संभावना 4.5 गुना अधिक थी। हाल ही में, प्रारंभिक डेटा से पता चलता है कि कोविड-19 (COVID-19) टीकाकरण लगवाने से पहले और बाद में पर्याप्त नींद लेने से वैक्सीन की प्रभावकारिता में सुधार हो सकता है। फिर भी, इस संभावित संबंध को बेहतर ढंग से समझने के लिए और अधिक शोध की आवश्यकता है।

कम सोना आपकी सुरक्षा के लिए खतरनाक हो सकता है

आपकी कम नींद दूसरों के लिए भी हानिकारक हो सकती है। जब आप थके हुए होते हैं, तो किसी भी काम में सजगता और प्रतिक्रिया कम हो जाने के साथ-साथ ध्यान केंद्रित करने की क्षमता भी कम हो जाती है। शोध बताते हैं कि अत्याधिक नींद से वंचित होना अधिक शराब का सेवन करने के बराबर है। 18 घंटे से अधिक समय तक जागना रक्त में अल्कोहल की मात्रा (बीएसी) 0.05% होने के बराबर है। 24 घंटों के बाद, यह बढ़कर 1.00% हो जाता है, जो कि कानूनी ड्राइविंग सीमा से अधिक है। ऐसे में आपके ऐक्सिडें होने की संभावना अत्याधिक हो जाती है, जो आपके और दूसरों के लिए खतरनाक है।

पोषण और व्यायाम के साथ-साथ अपनी नींद का ध्यान रखना स्वास्थ्य के स्तंभों में से एक है।

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