देश के दक्षिणी 4 राज्यों के नामों का क्या है मतलब?

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क्या आपने कभी सोचा है कि राज्यों के नाम के पीछे भी कोई कहानी हो सकती है? पूर्वोंतर राज्यों के नाम की कहानी तो हमने आपको बता दी, अब जानिए दक्षिण भारत के खूबसूरत राज्यों के पीछे जुड़े नामों की कहानी-

आंध्र प्रदेश

प्राकृतिक खुबसूरती से भरा है शहर |इमेज : फाइल इमेज

शब्द ‘आंध्र’ संस्कृत है, जिसका अर्थ है दक्षिण। यहां ज़्यादातर लोग जंगलों और पहाड़ियों में रहने वाले हैं, जिन्हें ‘आंध्र’ के नाम से जाना जाता है। इसके अलावा इसे भारत के कोह-नूर के नाम से जाना जाता है।

यह खूबसूरत राज्य अपने धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक इमारतों, प्राकृतिक जगहों और समुद्री बीच की वजह से लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। यहां पहाड़ी सुंदरता के साथ कॉफी के बागान भी  देख सकते हैं, जो यहां के मुख्य आकर्षणों में गिना जाता है। आप यहां से भवानासी झील, अराकू घाटी, मुचकुंडी नदी का सफर कर सकते हैं।

कर्नाटक

कर्नाटक का हेल्दी खाना |इमेज : फाइल इमेज

साउथ का यह कर्नाटक शब्‍द कारु और नाद से आया है जिसका अर्थ बुलंद और भूमि है। अपने पुराने मंदिरों के लिए दुनियाभर में मशहूर कर्नाटक में घूमने का अलग ही मजा है। यूनेस्को की विश्व विरासत स्थलों में शामिल हम्पी का मंदिर कर्नाटक की सबसे खूबसूरत जगह है। हम्पी की गोल चट्टानों और टीलों पर बने मंदिर, तहखाने, पानी का खंडहर, बड़े-बड़े चबूतरे और 500 वास्तुशिल्प संरचनाएं टूरिस्ट को अपनी और आकर्षित करती है।

गर्मियों में ठंडक का मजा लेने के लिए आप कर्नाटक के जोग फॉल्स का लुत्फ उठा सकते हैं। क्या आप जानते है? अरब सागर से मिलने वाले इस झरने का पानी बिजली बनाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। टूरिस्ट जगह के साथ इस शहर का खाना भी दुनियाभर में मशहूर है। सिर्फ भारतीय ही नहीं बल्कि विदेशी टूरिस्ट भी यहां का खाना खाए बिना नहीं जाते। यहां का खाना जैसे कोरी रोटी, नीर डोसा, पिट रोड और खली आदि खास नारियल डालकर बनाया जाता है। यहां के खाने का स्वाद आप कभी नहीं भूल पाएंगे।

तमिलनाडु

सांस्कृतिक इतिहास |इमेज : फाइल इमेज

इसका सीधा मतलब है कि तमिलों का घर। तमिल मतलब मीठा शरबत। नाडु एक तमिल शब्द है जिसका अर्थ है जन्मभूमि या देश।  

तमिलनाडु जैसे राज्य को बड़ी लम्बी संस्कृति का इतिहास है। तमिलनाडु को साहित्य, कला, संगीत और नृत्य का लम्बा इतिहास है। भरतनाट्यम, थान्जोर पेंटिंग और तमिल वास्तुकला का यहा पर बहुत विकास हुआ है और आज भी यहां के लोग इस संस्कृति को जिंदा रखने का काम करते हैं।

केरल

जड़ी -बूटियां है भरपूर | इमेज : फाइल इमेज

यह शब्द चेरा वंश के शासको से लिया गया है। ‘चरना’ का अर्थ जोड़ना और ‘आलम’ का अर्थ भूमि, यानी जमीन से जुड़े रहना। केरल में ऐसी कई जड़ी-बूटियां हैं जो औषधीय गुणों से भरपूर हैं। अश्‍वगंधा, आमलकी, कटफल, ब्राह्मी, यश्तिमधु और शंखुपुष्‍पम जैसी कुछ औषधीय गुणों से भरपूर जड़ी-बूटियां केरल राज्‍य में मिलती हैं। इस जगह को स्‍वयं ईश्‍वर की धरती भी कहा जाता है। हरे-भरे पेड़ों, समुद्रतटों और सुहावने मौसम से सजा केरल टूरिस्टों के लिए किसी जन्‍नत से कम नहीं है।

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