बच्चों के लिए सुरक्षित बनाये इंटरनेट की दुनिया

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आजकल बड़ों के ही नहीं बल्कि बच्चों के जीवन में भी इंटरनेट का खूब इस्तेमाल हो रहा है। कोई प्रोजेक्ट बनाना हो, किसी हस्ती के ऊपर लेख लिखना हो, डांस के स्टेप्स सीखने हो या फिर किसी भी खेल के रूल्स देखने हो, हर चीज़ में इंटरनेट सहायता कर सकता है। जहां एक तरफ इंटरनेट के इतने फायदे हैं, तो वहीं इसके गलत इस्तेमाल से आपके बच्चे पर बुरा असर भी पड़ सकता है।

बच्चा कर रहा है गलत इस्तेमाल

कुछ ऐसी बातें हैं, जिन पर ध्यान देकर आप पता कर सकते हैं कि आपका बच्चा इंटरनेट का सही इस्तेमाल नहीं कर रहा।

– आपका बच्चा ज़्यादातर रात में ऑनलाइन/चैट रूम में रहता है।

-बच्चा आपसे इंटरनेट एक्टिविटी छिपाता है और आपके आते ही स्क्रीन चेंज कर देता है।

-आपका बच्चा ऐसे लोगों से बात करता है, जिनके स्क्रीन नेम आप नहीं जानते।

-आपके बच्चे को ऐसे लोगों से गिफ्ट मिलते हैं, जिन्हें आप नहीं जानते।

-आपका बच्चा किसी और का यूज़र अकाउंट यूज़ करता है।

-इंटरनेट यूज़ करने क बाद आपका बच्चा हैरान-परेशान हो जाता है।

इंटरनेट को करें सुरक्षित  | इमेजः फाइल इमेज

कुछ ऐसे तरीके हैं जिनका पालन करने से आप अपने बच्चे को इंटरनेट के खतरों से सुरक्षित रख सकते हैं।

  • बात करें – अपने बच्चे से खुल कर बात करें। ऑनलाइन दुनिया के फायदे और नुकसान दोनों के बारे में बच्चे को बताएं। बच्चे को विश्वास दिलाएं कि वह आपसे कोई भी बात कर सकते हैं और आप हर परिस्थिति में उसके साथ हैं।
  • भाग लें – अपने होम ब्राउज़र पर पैरेंटल कंट्रोल लगाना ही काफी नहीं होता। जितना हो सके बच्चे के साथ इंटरनेट एक्टिविटी में भाग लें। बच्चा जितना छोटा होगा, आपकी भागीदारी उतनी ज़रूरी होगी।
  • अप-टू-डेट रहे – ज़्यादातर पैरेंट्स को नए डिवाइस और ऐप्स के बारे में जानकारी नहीं रहती। अगर आपके बच्चे इतने बड़े हैं कि उनके पास अपना डिवाइस है, तो उनकी डाउनलोडिड ऐप्स पर ध्यान दें।
  • सेफ ब्राउज़िंग – ऐसे कई प्रोटोकॉल्स हैं जिनकी मदद से आप अपने कंप्युटर को चाइल्ड प्रूफ बना सकते हैं और वेब वर्ल्ड के अनचाहे हिस्सों से बचा सकते हैं। अपने कंप्यूटर पर पासवर्ड लगाएं और बच्चों को समझाएं कि उसे किसी को न बताएं। बच्चों को समझाएं कि इस्तेमाल के बाद अपने अकाउंट को लॉग आउट करना न भूलें।
  • प्राइवेसी – बच्चों को बचपन से ही कुछ बातों को प्राइवेट रखने की अहमियत पता होनी चाहिए। गलत लोग ज़्यादातर ‘स्ट्रेंजर डेंजर’ तरीके की मदद से बच्चे की ऑनलाइन उपलब्ध जानकारी का इस्तेमाल करते हैं, जैसे उसका नाम क्या है, कहां रहता है, उसके परिवार और दोस्तों के बारे में डीटेल्स आदि।
    जिस भी साइट को आप या आपका बच्चा ब्राउज़ करता है, उसकी प्राइवेसी सेटिंग्स को सेट करें कि जब तक आप पोस्ट न करें तब तक कोई भी आपकी पर्सनल इंफोर्मेशन को देख न सके।
  • गाइड – बच्चे को ज़िम्मेदारी से ऑनलाइन कम्युनिकेशन करने के लिए प्रोत्साहित करें। अगर आपको कभी भी लगे कि ऑनलाइन कुछ गलत हो रहा है, तो आप पुलिस कंप्लेंट कर सकते है।

कुछ ऐसी वेबसाइट्स हैं, जो वेब वर्ल्ड को सुरक्षित रखने की कोशिश में हैं।

ऑनलाइन की दुनिया भी आपके आस-पास वाली दुनिया की तरह ही है। यहां भी आपको अपने बच्चे की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना होगा। जिस तरह आप अपने बच्चे को खेल के मैदान में अकेले नहीं छोड़ सकते, उसी तरह अपको उसे ऑनलाइन भी अकेले नहीं छोड़ना चाहिए। थोड़ी सी सावधानी आपके बच्चे को सुरक्षित रख सकती है।

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