प्रेम से जुड़ा होता है अनाहत चक्र

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शरीर का चौथा सबसे अहम चक्र है अनाहत चक्र, जो भावनाओं को संतुलित रखकर प्रेम की भावना को बढ़ाता है। इस चक्र को संतुलित रखकर आप चिंता, भय, अहंकार जैसी भावनाओं से दूर रह सकते हैं।

अनाहत चक्र

यह छाती के मध्य में स्थित होता है। हरे रंग का यह चक्र हमारे प्यार और करुणा की भावना को निर्धारित करता है। अनाहत चक्र का मतलब होता है खुला हुआ या अजेय। इसका तत्व है वायु, जो स्वतंत्रता और फैलाव का प्रतीक है। यानी आपकी चेतना अनंत तक फैल सकती है। आपके जीवन में प्रेम जितना बढ़ेगा यह चक्र उतना ही सक्रिय रहेगा। इस चक्र को संतुलित रखने और जागृत करने के लिए हृदय पर संयम रखना और ध्यान लगाना ज़रूरी है। यदि इन दिनों आप दूसरों के प्रति अधिक ईर्ष्या या गुस्सा का अनुभव कर रहे हैं तो इसका मतलब है कि आपका अनाहत चक्र जागृत और संतुलित नहीं है। इसे संतुलित करके आप अपने जीवन में प्रेम को आकर्षित करते हैं और दूसरों के प्रति सहानुभूति का अनुभव करते हैं।

अनाहत चक्र को संतुलित करने के लिए हर्ब्स

यह चक्र आपके शरीर में प्रेम की ऊर्जा को नियंत्रित करता है। जब यह चक्र संतुलित रहता है, तो आप प्रेम और सहानुभूति की भावना से भर जाते हैं और आसान से दूसरों को उनकी गलतियों के लिए माफ कर देते हैं। जब यह असंतुलित होता है तो आपको प्रेम की भावना को अनुभव करने और दूसरों को प्रेम देने में असमर्थ होते हैं और न आसानी से दूसरों को माफ कर पाते हैं। आपका छाती के बीच में दर्द का भी एहसास होता है। अपने ज़िंदगी में प्यार भरना जाते हैं तो एनर्जेटिक हार्ट हर्ब्स जैसे गुलाब, नागफनी बेर, लैवेंडर, रूइबोस, नारंगी और चमेली का इस्तेमाल करें। दिल के लिए अच्छे माने जाने वाले इन हर्ब्स को मिलाकर आप चाय बना सकते हैं।

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अनाहत चक्र को जागृत करने के लिए संकल्प

  • मैं खुले हृदय से प्रेम का स्वागत करता हूं।
  • मेरे दिल के सारे पुराने ज़ख्म भर चुके हैं।
  • मैं जहां भी जाता हूं, प्राकृतिक रूप से प्यार को आकर्षित करता हूं।
  • मैं सारी नाराज़गी दूर कर लेता हूं।
  • मेरे हृदय में शक्तिशाली हरी रोशनी प्रकाशित होती है।
  • मैं खुद से और सभी इंसानों से प्यार करता हूं।
  • मैं अपनी और दूसरों की गलतियों को माफ कर देता हूं।

अनाहत चक्र को जागृत करने के उपाय

यह चक्र प्रेमभाव को जागृत हैं करते | इमेज : फाइल इमेज
अनाहत धूप या एसेंशियल ऑयल जलाएं

अरोमाथेरिपी प्रेम की क्षमता को जागृत करता है। अनाहत चक्र को जागृत करने के लिए एसेंशियल ऑयल, मोमबत्ती और गुलाब, लैवेंडर, चंदन, संतरा और चमेली की खुशबू वाले धूप जलाएं।

प्यार से जुड़े संकल्प को दोहराएं

जब हम बार-बार अच्छी चीज़ों को दोहराते हैं, तो हमारे विचार भी अच्छे और सकारात्मक बन जाते हैं। तो जीवन में प्रेम भरने के लिए प्रेम से जुड़े संकल्पों को दोहराएं।

योगासन

हार्ट ओपनिंग योग मुद्रा से अनाहत चक्र को सक्रिय रहने में मदद मिलती है। उर्ध्व मुख शवासन, सेतु बंध सर्वंगासना और उष्ट्रासन जैसे योगासन हार्ट ओपनिंग के लिए अच्छे माने जाते हैं।

प्रेम से जुड़े मंत्र का उच्चारण

अपनी ऊर्जा को प्रेम पर केंद्रित करने के लिए प्रेम से जुड़े मंत्र का उच्चारण करें, इससे अनाहत चक्र संतुलित रहता है। गहरी सांस लें और इस मंत्र का उच्चारण करें “ओम मनी पदमे हम”। आप जोर से या मन में इसका उच्चारण कर सकते हैं।

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