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सेहतमंद जीवन के लिए रोज़ाना करें अनुलोम-विलोम प्राणायाम

सेहतमंद जीवन के लिए रोज़ाना करें अनुलोम-विलोम प्राणायाम

  • मन की एकाग्रता के लिए ज़रूरी है प्राणायाम
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अगर आप गौर करें, तो योग सांस लेने-छोड़ने और मुद्राओं का मिश्रण है, जो मानव शरीर को अंदर और बाहर से मज़बूत करने का काम करता है। प्राणायाम और आसन व्यक्ति के मन को शांत करने, तनाव को कम करने जैसी कई मानसिक समस्याओं को कम करने में मदद करता है।

क्या है अनुलोम विलोम प्राणायाम?

हठ योग के अभ्यास में सांस से संबंधित प्राणायाम बहुत उपयोग किया जाता है। उन्हीं में से एक है अनुलोम विलोम प्राणायाम। सरल शब्दों मेंअनुलोम का मतलब है सीधा और विलोम का मतलब है उल्टा होता है। अनुलोम विलोम का अभ्यास करते समय दाएं नाक से गहरी सांस लेते हैं, तो बायीं नाक से बाहर छोड़ते हैं। इस प्राणायाम करने से व्यक्ति की प्राणशक्ति बढ़ती है। प्राणायाम का सबसे अच्छी बात यही है कि ज़्यादातर लोग अनुलोम विलोम सांस का अभ्यास सुरक्षित रूप से और बिना किसी दुष्प्रभाव के आसानी से कर सकते हैं।

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प्राणायाम करने का तरीका

  • प्राणायाम करने के लिए शांत और खुली जगह देखें
  • पद्मासन या सुखासन में बैठ जाइए
  • अपने दाएं हाथ के अंगूठे से अपनी दाएं नाक को बंद करिये
  • फिर बाई तरफ की नाक से गहरी सांस लें और दाएं से धीरें-धीरे बाहर छोड़िए
  • यह प्रक्रिया को शुरुआत में कम से कम 5 मिनट तक दोहराएं

प्राणायाम करने के फायदे

  • रोज़ाना अनुलोम विलोम प्राणायाम के अभ्यास से वात, कफ और पित्त तीनों दोषों को ठीक किया जा सकता है।
  • यह ‘वात दोष’ की गड़बड़ी के कारण होने वाली सभी बीमारियों को ठीक करता है।
  • इस प्राणायाम से उच्च रक्तचाप, माइग्रेन और नींद की कमी को दूर कर सकते हैं।
  • एकाग्रता, धैर्य, संकल्पशीलता, निर्णय लेने की क्षमता और रचनात्मकता मे भी अनुलोम विलोम प्राणायाम बड़ा फायदेमंद है।
  • तनाव और चिंता से छुटकारा दिलाने मे लाभकारी है।
  • अनुलोम विलोम रक्त परिसंचरण में सुधार करता है।
  • नेगेटिव विचारों को पॉज़िटिव में बदलने में मदद करता है।
  • अनुलोम विलोम से काम में एकाग्रता बढ़ाती है। खासकर, विद्यार्थी पढ़ाई में ध्यान लगाने के लिए इस ब्रीथिंग एक्सरसाइज का अभ्यास कर सकते हैं।
  • यह प्राणायाम न सिर्फ शरीर को डिटॉक्स करता है, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाता है।

अगर आप योग के लिए अधिक समय नहीं निकाल पा रहे हैं, तो कम से कम 10-15 मिनट निकालकर अनुलोम विलोम ज़रूर कर लें, ताकि आप अपनी जीवन हेल्दी और रोगमुक्त बना सकें।

और भी पढ़िये : पॉज़िटिव बातें – क्या कहता है विज्ञान और क्या है फायदे

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