आत्मविश्वास और खुशी देता है मणिपुर चक्र का संतुलन

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आपकी हर गतिविधि के लिए शरीर के 7 चक्र ही जिम्मेदार होते हैं। आत्मविश्वास, खुशी, विचारों की स्पष्टता और निर्णय लेने की क्षमता आदि मणिपुर चक्र निर्धारित करता है। इसलिए इसका जागृत और संतुलित रहना आवश्यक है।

मणिपुर चक्र

यह चक्र नाभि के ऊपर आपके पेट के आसपास स्थित होता है, इसलिए इसे नाभि चक्र भी कहते हैं। पीले रंग का यह चक्र त्रिकोण के आकार का होता है। यह दो शब्दों से मिलकर बना है मणि और पुर, मणि का अर्थ होता है गहना या मोती और पुर का अर्थ होता है स्थान। आत्म विश्वास और आत्म अनुशासन, खुशी, विचारों की स्पष्टता, ज्ञान व बुध्दि और सही निर्णय लेने की क्षमता इस चक्र का गहना है। तीसरा सबसे अहम चक्र जो आपके शरीर की ऊर्जा का सबसे बड़ा केंद्र है और शरीर की पूरी ऊर्जा को संतुलित करता है। यह आपको अपना जीवन नियंत्रित करने में मदद करता है। इस चक्र का तत्व अग्नि है।

मणिपुर चक्र को संतुलित करने के लिए जड़ी-बूटियां

पीले रंग के इस चक्र का संबंध व्यक्तिगत शक्ति और आत्मसम्मान से है। जब यह संतुलित रहता है तो आप एक उद्देश्य की भावना के साथ आत्मविश्वास से भरे होते हैं। जब यह अतिसक्रिय होता है तो आप अहंकारी हो जाते हैं। साथ ही आप खुद को कम आंकने लगते हैं और ईर्ष्या की भावना आ जाती है। पाचन शक्ति पर भी इसका बुरा असर हो सकता है।

पाचन शक्ति को दुरुस्त रखने और मणिपुर चक्र को संतुलित रखने के लिए लेमनग्रास, कैमोमाइल और अदरक जैसी चीज़ों का सेवन करें।

मणिपुर चक्र को जागृत करने के लिए संकल्प

  • मैं अपनी व्यक्तिगत शक्ति के साथ खड़ा हूं।
  • मैं पूरे आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय के साथ निर्णय लेता हूं।
  • मुझे बस एक चीज़ को नियंत्रित करने कि ज़रूरत है वह है किसी परिस्थिति में मैं कैसे प्रतिक्रिया करता हूं।
  • मुझमें अपनी ज़िंदगी में सकारात्मक बदलाव लाने का साहस है।
  • अपने मकसद को पाने के लिए मैं प्रेरित महसूस करता हूं।
  • नई चुनौतियां स्वीकार करके मैं शांत, आत्मविश्वासी और शक्तिशाली महसूस करता हूं।
  • बीती गलतियों के लिए मैं खुद को माफ कर देता हूं और उससे सबक सीखता हूं।

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शरीर की ऊर्जा को करता है संतुलित मणिपुर चक्र | इमेज : फाइल इमेज

मणिपुर चक्र को जागृत करने के उपाय

मणिपुर चक्र को जागृत करने के लिए केसर, चंदन, कस्तूरी, अदरक और दालचीनी एसेंशियल ऑयल जलाएं।

योगासन

माइंडफुल ब्रिदिंग के साथ योगासन करने से शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से मणिपुर चक्र का तनाव दूर होता है। वीरभद्रासन से आत्मविश्वास बढ़ता है और यह तीसरे चक्र को एक सीध में लाता है। सूर्य नमस्कार शरीर को वॉर्म करने के साथ ही सूर्य की ऊर्जा के साथ जोड़ता है। नौकासन पेट की मांसपेशियों को मज़बूत बनाने, पाचन को दुरुस्त रखने और व्यक्तिगत सश्क्तिकरण की भावना लाने के लिए बेहतरीन योगासन है।

बीते कल से उबरना

गुजरे वक्त की कई बुरी यादें और हादसे हमारे शरीर में कहीं न कहीं जमा रहती हैं और हमारे सोचने की शक्ति और व्यवहार को प्रभावित करती है। थेरेपी, अपनों का प्यार और दूसरी स्वस्थ गतिविधियों की मदद से आप इनसे उबरने की कोशिश करें, क्योंकि मणिपुर चक्र को संतुलित रखने के लिए यह बहुत ज़रूरी है।

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