ब्रह्म मुहूर्त में उठने के हैं अनेक फायदे

सूरज उगने से पहले के समय को ब्रह्म मुहूर्त कहा जाता है
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“पहला सुख निरोगी काया, दूजा सुख धन यौवन माया, तीजा सुख संतान यशस्वी…..

इन लाइनों को साहित्य में चौपाई कहा जाता है और ये लाइनें कभी मेरे दादा जी की दिनचर्या का हिस्सा हुआ करती थी। सुबह के साढ़े चार बजते ही दादाजी इन चौपाइयों को गुनगुनाने लगते थे। जब वह 80 साल के थे तब भी वह एक हष्ट पुष्ट शरीर के मालिक थे। उनके चेहरे पर एक अजीब सा तेज चमकता था। पहले तो मुझे ये सब एक चमत्कार लगता था लेकिन जब एक दिन मैंने उनसे इस तेज का राज़ पूछा तो उन्होंने ब्रह्म मुहूर्त का नाम लिया। साथ ही उन्होंने ब्रह्म मुहूर्त में जागने के अनेक फ़ायदे गिनाए जो पहले तो मुझे चमत्कारिक लगते थे लेकिन अब सत्य लगते हैं। सच्चाई भी यही है कि कोई भी व्यक्ति ब्रह्म मुहूर्त में उठ कर मेरे दादाजी की तरह पॉज़िटिव ऊर्जा से भरपूर जीवन पा सकता है।

क्या है ब्रह्म मुहूर्त?

सुबह के साढ़े चार बजे के आसपास सूरज उगने से पहले ब्रह्म मुहूर्त की शुरुआत होती है। भारतीय दर्शन खासतौर से योग शास्त्र में ब्रह्म मुहूर्तकी विस्तार से चर्चा की गई है।  

ब्रह्म मुहूर्त के फायदे –

एक अंतरराष्ट्रीय रिसर्च पेपर के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में उठने के अनेक फायदे हैं। जैसे –

  • इस समय वातावरण में ऑक्सीजन का स्तर अच्छा होता है। इससे हीमोग्लोबिन का स्तर ठीक होता है और शरीर में ताज़गी, स्फूर्ति बढ़ती है।
  • इम्यून सिस्टम बेहतर होता है।
  • शरीर में भरपूर ऊर्जा रहती है।
  • रक्त का PH मान सही रहता है।
सुबह जल्दी उठना
सुबह की शुरूआत हो कसरत और मेडिटेशन से | इमेज : फाइल इमेज

ब्रह्म मुहूर्त में क्या-क्या काम करें

  1. मेडिटेशन करें – मेडिटेशन स्वयं को जानने का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है। इस समय मन भी एकाग्र होता है अतः ‘सहज समाधि’ मेडिटेशन करें। ब्रह्म मुहूर्त में मेडिटेशन के इस तरीके को सबसे बेहतर माना जाता है।
  2. अपने अंतर ज्ञान को बढ़ाएं – भारतीय दर्शन के अष्टांग हृदय के अनुसार यह समय आध्यात्मिक ज्ञान पाने के लिहाज से सबसे बेहतर होता है। इसलिए इस समय आध्यात्मिकता का मनन करें इससे मानसिक परेशानियां भी दूर होती हैं।
  3. आने वाले दिन की रूप रेखा तय करें – इस समय मन एकाग्र होता है इसलिए दिन में जो भी काम करने हैं उनकी सटीक समय सीमा निर्धारित करने के लिए यह समय बेहतर माना जाता है।
  4. बीते हुए कल की गलतियों पर करें मनन – इस पहर में अपने बीते हुए समय का मूल्यांकन करें। इससे आप आने वाले कल में गलतियां करने से बचेंगे।
  5. अपने मां-पापा, गुरु, और ईश्वर को करें याद – इस समय अपने जीवन से जुड़े हुए सभी लोगों को धन्यवाद दें। ऐसा करने से जीवन में पॉज़िटिव ऊर्जा फैलती है और नीरसता दूर होती है।

ब्रह्म मुहूर्त में क्या ना करें

  1. इस समय कुछ भी ना खाएं न ही किसी तरह का नशा करें।
  2. ऐसे काम न करें जो मानसिक सेहत पर बुरा असर करें या स्ट्रेस दें।

भारतीय परंपरा में हमेशा से ही ब्रह्म मुहूर्त में जागने का रिवाज़ रहा है। आजकल की विज्ञान भी ब्रह्म मुहूर्त के फायदे को साबित कर चुकी है। इसलिए आप भी ब्रह्म मुहूर्त में उठिए और प्रकृति के इस तोहफे का लुत्फ उठाइए।

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