5 योगासन करें सहस्रार चक्र को संतुलित

दिमाग की एकाग्रता और शांति को बनाएं रखने में मददगार
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शरीर के सात चक्रों में सहस्रार चक्र सातवां चक्र है, जो दिव्य ऊर्जा को शरीर में सक्रिय करता है। शरीर में 7 चक्र ऊर्जा के प्रवाह को संरक्षित करने वाले कमल के फूल की पंखुड़ी के प्रतीक हैं। सभी पंखुड़ियों के पूर्ण रूप से खुलने पर शरीर, मन और आत्मा का एक सार्वभौमिक संतुलन प्राप्त होता है।

सातवां चक्र – सहस्रार

यह चक्र व्यक्ति को वैराग्य, एकता और श्रेष्ठता के बारे में सिखाता है। जब सातवां चक्र संतुलित होता है, तो आप अपने अंदर मौजूद शांति और खुशी से अवगत होते हैं। सहस्रार चक्र सिर के शीर्ष पर स्थित होता है इसलिए इसमें मस्तिष्क से जुड़ी सभी चीज़ों को नियंत्रित करने की शक्ति होती है। इसे क्राउन चक्र के रूप में भी जाना जाता है। सहस्रार सात चक्रों में अंतिम चक्र है।

चक्र को संतुलित करने वाले योगासन

अगर व्यक्ति को सिर में दर्द की शिकायत रहती है, नींद न आने से परेशान हैं, दिमाग में हर समय कोई हलचल रहती है, तो आपका सहस्रार चक्र कमज़ोर हो चुका है। ऐसे में योग एक प्रकार का शारीरिक व्यायाम है, जो शरीर को आध्यात्मिक जागरूकता से जोड़ता है और सहस्रार चक्र को खोलने के लिए मदद करता है।

वृक्षासन
वृक्षासन
सभी चक्रों को संतुलन करने में मददगार |इमेज : फाइल इमेज

इस योगासन में व्यक्ति की ऊर्जा को आपकी जड़ों से आपके सिर के मुकुट तक यात्रा करने की अनुमति देता है। सभी चक्रों को संरेखित करता है और संतुलन और कायाकल्प को प्रोत्साहित करता है। यात्रा करते समय इस ऊर्जा की कल्पना करें और शरीर और ब्रह्मांड के संतुलन की सराहना करें।

अर्ध पिंचा मयूरासन
तनाव या डिप्अरेशन में राहत |इमेज : फाइल इमेज

यह आसन न सिर्फ बाहों और पैरों को मज़बूत करता है, बल्कि यह आसन मस्तिष्क को शांत करने में मदद करता है। साथ ही तनाव या अवसाद से राहत देता है। यह व्यक्ति के सातवें चक्र को उत्तेजित करने में मदद करता है।

शीर्षासन
यह आसन शक्ति, स्थिरता और ऊर्जा भी विकसित करने में मददगार | इमेज : फाइल इमेज

इस चक्र में ऊर्जा को जागृत करने के लिए यह योग आसन एक आदर्श आसन माना जाता है। कोर की मांसपेशियों को शामिल करते हुए, यह आसन शक्ति, स्थिरता और ऊर्जा भी विकसित करता है। शीर्षासन के नियमित अभ्यास से मन और संतुलन की स्पष्टता आती है।

शशकासन
शशकासन
चक्र धीरे-धीरे जागृत होने में मददगार |इमेज : फाइल इमेज

इस आसन का चक्र के साथ गहरा संबंध है, क्योंकि यह योग मुद्रा व्यक्ति के सिर, रीढ़ और कंधों को आराम देता है। इसके रोज़ाना अभ्यास से शशकासन के बंद पड़े चक्र धीरे-धीरे जागृत होने लगते हैं।

शवासन
शवासन
योगासन से शरीर के ऊतकों और कोशिकाओं की मरम्मत होती है |इमेज : फाइल इमेज

इस योगासन में शरीर की आरामदाय अवस्था होती है, जिसमें शरीर के किसी भी हिस्से में कोई हरकत नहीं होती। इस योगासन से शरीर के ऊतकों और कोशिकाओं की मरम्मत होती है और तनाव मुक्त करने में मदद करता है। शवासन चक्र को शांत और संतुलित करने में मदद करता है।

हमारे शरीर में प्रत्येक चक्र एक आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है, जो हमें खुद को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।

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